गोंडा। सपा मुखिया व पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सोमवार को जिले में आने के कार्यक्रम में ताकत दिखाने में सारे नियमों की छज्जियां उड़ गईं। पूर्व सीएम को बलरामपुर से इटियाथोक कब्से से शहर होते हुए वजीरगंज और फिर बल्लीपुर जाना था।
इटियाथोक में स्वागत के बाद शहर में बड़गांव में भीड़ का आलम यह था कि न तो किसी को कोरोना की फिक्र रही और न ही जाम की चिंता। पूर्व सीएम के पहुंचने पर और भीड़ एकत्र हो गई।
यह सिलसिला बल्लीपुर में भी देर रात तक देखने को मिला। करीब 10 बजे रात तक बल्लीपुर में पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के आवास पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटी रही।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव वैसे तो काफी समय बाद जिले में आए थे। ऐसे में लोगों में उत्साह भी रहा, लेकिन उनका कार्यक्रम सिर्फ एक दिन पहले सार्वजनिक होने के बाद भी भीड़ जुटाकर लोगों ने अपनी ताकत भी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कोरोना संकट अभी दूर नहीं हुआ है और सड़क सुरक्षा माह की शुरूआत भी सोमवार को हुई थी। इसके बाद बड़गांव में जिस तरह की भीड़ जुटाई और सड़कों पर लोग जुटे रहे, यह देखकर हर कोई भौचक्का रहा। कमोबेश यही हाल देर रात तक बल्लीपुर में भी रहा। इस दौरान प्रशासन भी चुप्पी साधे रहा।
सपा में बसपा से निकाले गए लोकसभा प्रत्याशी रहे मसूद आलम खां और पूर्व विधायक रमेश गौतम भी शामिल हो चुके हैं। ऐसे में आने वाले विस चुनाव में टिकट की दावेदारी की सरगर्मी अभी से बढ़ने लगी।
सपा मुखिया को भीड़ जुटाकर शक्ति दिखाने का दांव भी खूब चला। बल्लीपुर में पत्रकारों से वार्ता के बाद सियासी रणनीति पर चर्चा होने की भी चर्चाएं हैं, इसी के कारण बड़ी संख्या में बल्लीपुर में भी लोग जुटे रहे।
सोमवार को पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक साथ कई दांव भी साधे। पार्टी को नया रूप देने का संदेश देने के साथ ही परिवर्तन को हवा देने में भी कामयाब रहे। संतो के साथ वार्ता करने और फिर दो घंटे से अधिक समय पार्टी नेताओं को देकर उन्होने बड़ा संदेश दिया। इसके अलावा वजीरगंज में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा का अनावरण करके एक समाज से खुद को सीधे जोड़ने का काम किया।