गोंडा। मार्ग दुर्घटना में मृतक के परिजनों ने कोतवाली में तहरीर नहीं दी और पुलिस ने बिना तहरीर के ही मुकदमा पंजीकृत कर लिया। मुकदमे में दुर्घटना में शामिल कार को दर्शाने के बजाय पुलिस ने ट्रक दिखा कर मामले को नया मोड़ दे दिया है। मामला अब तूल पकड़ने लगा है और मामला एसपी के पास पहुंच गया है।
पीड़ित परिवार जब तहरीर लेकर थाने पहुंचा तो उसे बताया गया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे गोंडा लखनऊ मार्ग पर ग्राम जहांगिरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से राजकुमार निवासी ग्राम त्रिलोचनपुर रेंवारी थाना करनैलगंज की मौके पर मौत हो गई थी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन शव को लेकर पोस्टमार्टम कराने चले गए। मौके पर पहुंचे भभुआ चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार गंगवार ने मृतक के भाई रामू एवं चार अन्य लोगों के हस्ताक्षर पंचनामा पर करवाया।
पीड़ित रामू का कहना है कि उसने यह कहकर तहरीर नहीं दिया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद जब वापस आएंगे तब कोतवाली में तहरीर दिया जाएगा। मगर यहां पुलिस ने अपना कारनामा दिखा दिया। रामू के नाम की तहरीर कोतवाली में भेज कर कार के बजाय अज्ञात ट्रक से साइकिल सवार की मौत होने की एफआईआर दर्ज करवा दी।
रामू का कहना है कि वह अपने भाई का शव लेकर पोस्टमार्टम कराने चला गया था। देर शाम को वापस आने के बाद वह शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए चला गया। मंगलवार को जब वह तहरीर लिखवा कर कोतवाली पहुंचा तो उसे बताया गया कि इसकी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
उसका आरोप है कि कार चालक व कार को दुर्घटना में शामिल न दिखाकर पुलिस ने अज्ञात ट्रक को दिखा दिया और बिना उसके हस्ताक्षर के ही तहरीर लिखवा कर मुकदमा पंजीकृत कर लिया। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मामले में चौकी प्रभारी से बात की गई तो पता चला है कि दुर्घटना ट्रक से हुई है। मुकदमा वादी की तहरीर पर ही दर्ज हुआ है।