उतरौला रोड स्थित गुलरिया हरहरा गांव में शुक्रवार की रात एक भंडारे के दौरान खाना खाकर गांव के 40 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। इतने लोगों की तबियत बिगड़ने से गांव में अफरातफरी मच गई। आनन फानन में सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फूड पॉइजनिंग की सूचना से संचारी रोग सेल के साथ ही काजीदेवर सीएचसी की टीम भी गांव पहुंची और पीड़ितों का उपचार किया। सीएमओ डा.उमेश यादव के मुताबिक सभी बीमारों का रात में ही उपचार करके उन्हें घर भेज दिया गया गया।
उतरौला रोड स्थित गुलरिया हरहरा गांव में शुक्रवार की रात एक भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे में पूरे गांव ने खाना खाया था। रात में नौ बजे के बाद कुछ लोगों को उल्टी शुरू हो गई। देखते देखते दर्जनों लोग इसके शिकार हो गए।
इतने लोगों की तबियत एक साथ विगडृने ने गांव में गांव में हंगामा मच गया। आननफानन में सभी लोगों को इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया। किसी ने इसकी जानकारी सीएमओ को दी। जिसके बाद सीएमओ उमेश यादव रात में एंबुलेंस भेजकर 24 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां सीएमएस और दूसरे अन्य डाक्टरों ने उनका इलाज किया। जबकि मुख्यालय पर कार्यरत संचारी रोग सेल की टीम के साथ ही सीएचसी काजीदेवर से एक टीम गांव भी भेज दी गई। जिसने दर्जन भर से ऊपर लोगों का गांव में ही उनके घर जाकर उपचार किया।
सीएचसी काजीदेवर के अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी ने बताया कि भंडारे का खाना खाकर बीमार हुए गांव के 40 लोगों में से 24 का उपचार जिला अस्पताल में रात में कराया गया था, जबकि 12 से 16 लोगों का उपचार गांव में किया गया।
शनिवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचने पर यहां फूड पॉइजनिंग से पीड़ित राधा नाम की एक महिला भर्ती मिली। वहीं बीमार बड़कऊ तिवारी व बनवारीलाल का आरोप है कि सूचना सीएचसी काजीदेवर सीएचसी में दी गई थी। बावजूद इसके कोई डाक्टर गांव में झांकने नहीं आया।