पचपेड़वा नगर में आदि शक्ति मां दुर्गा की 18 भुजाओं वाली प्रतिमा सड़क निर्माण के लिए खोदाई के दौरान मिली थी। श्रद्धालुओं ने इसी स्थान पर आदि शक्ति दुर्गा मां का भव्य मंदिर का निर्माण कराया। बौद्ध परिपथ पर बने इस मंदिर के प्रति लोगों में अपार श्रद्धा है। यहां साल भर लोग देवी के दर्शन व पूजन के लिए आते हैं। नवरात्र के दिनों में यहां विधि-विधान से नौ दिनों तक देवी पूजन के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
अष्ट भुजाओं वाली मां दुर्गा की प्रतिमा तो हर मंदिर में मिल जाएगी लेकिन 18 भुजाओं वाली दुर्गा जी की ये प्रतिमा अपने आप में अद्भुत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 52 वर्ष पूर्व सड़क निर्माण के लिए खोदाई कराई जा रही थी। तभी मां दुर्गा की अद्भुत प्रतिमा मिली थी। स्थानीय लोगों ने इसी जगह पर भव्य दुर्गा मंदिर का निर्माण कराया और खोदाई में मिली प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। तभी से इस मंदिर के प्रति भक्तों में अपार श्रद्धा है।
मंदिर के पुजारी उमेश चंद्र उपाध्याय का कहना है कि चैत्र व शारदीय नवरात्र के दिनों में दुर्गा मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है। मंदिर में नौ दिन तक मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
रात के समय लोग देवी जागरण कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। वर्ष भर दर्शन आदि के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।