तरबगंज (गोंडा)। जिलाधिकारी के निर्देश पर चकबंदी और राजस्व महकमे की टीम वजीरगंज थाने के दुर्जनपुर घाट गांव में चक मार्ग और सरकारी जमीनों का चिन्हांकन करेगी। बताते चलें कि चकबंदी महकमे ने लगभग 15 वर्ष पूर्व 2005 में दुर्जनपुर घाट ग्राम पंचायत के दो सेक्टर की पैमाइश और कब्जा परिवर्तन किए बगैर गांव के अभिलेख को तहसील मुख्यालय भेज दिया। इसके बाद दो सेक्टरों में न तो कब्जा परिवर्तन हो पाया और न ही चक मार्ग और ग्राम समाज की भूमियों का चिन्हांकन हो सका।
मनरेगा के तहत चक मार्ग पटाई के लिए खाली नहीं मिल रहे हैं। राजस्व महकमे द्वारा सीमांकन किए जाने पर गांव में विवाद की स्थिति बन रही है। वहीं ग्राम समाज की जमीनों पर दबंगों के अवैध कब्जे हैं। इस मामले की शिकायत प्रधान दुर्जनपुर घाट मंजू ने जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही से मिलकर की। जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बंदोबस्त अधिकारी गोंडा और उप जिलाधिकारी तरबगंज को स्थलीय निरीक्षण कर संयुक्त टीम गठित कर चक मार्गों और सरकारी जमीनों का चिन्हांकन कराने का आदेश जारी किया है।
एसडीएम तरबगंज कुलदीप सिंह ने नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित कर टीम में चकबंदी कर्ता लेखपाल और चकबंदी महकमे के उच्चाधिकारियों को मौके पर रहकर चार दिन में चक मार्गों और सरकारी जमीनों के चिन्हांकन कराने को कहा है। थानाध्यक्ष वजीरगंज को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।