गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आलोक शर्मा की अदालत ने नौ साल पुराने मारपीट और जातिसूचक गाली देने के मामले में आरोपी इंद्रदेव उर्फ कोतवाल को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने वादी के खिलाफ झूठी गवाही देने के मामले में कार्रवाई के लिए प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन के अनुसार, 19 जून 2016 को गोनई गोसाई पुरवा निवासी रिंकू ने आरोप लगाया था कि बृजमोहन और इंद्रदेव उर्फ कोतवाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। घर में घुसकर मारपीट करने और जातिसूचक गाली देने का आरोप भी लगाया गया था। मामले में करनैलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
सुनवाई के दौरान वादी ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि वह साइकिल से गड्ढे में गिरकर घायल हुआ था। अन्य गवाहों ने भी अभियोजन के आरोपों की पुष्टि नहीं की। चिकित्सकीय रिपोर्ट में चोटों का उल्लेख था, लेकिन इससे आरोपी द्वारा चोट पहुंचाने की पुष्टि नहीं हुई। सुनवाई के दौरान बृजमोहन की मौत हो गई। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर इंद्रदेव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। साथ ही वादी के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत कार्रवाई के लिए प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया।
मारपीट के आरोपी को मिली जमानत
गोंडा। जानलेवा हमले के मामले में आरोपी दुर्गेश तिवारी की जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने स्वीकार कर ली। आरोपी पर वेद प्रकाश तिवारी और उनके भतीजे गौरव तिवारी पर हमला करने का आरोप है। कोतवाली नगर में 19 अगस्त 2026 को दर्ज प्राथमिकी के मामले में आरोपी 22 अगस्त से जेल में बंद है। - संवाद
नाबालिग से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने के आरोपी को राहत नहीं
गोंडा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निर्भय प्रकाश ने नाबालिग से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने के आरोपी अजीत यादव उर्फ दद्दू की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। करनैलगंज कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी पर 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने, उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने और देह व्यापार कराने का आरोप है। अभियोजन के मुताबिक, पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, नाबालिग से दुष्कर्म के एक अन्य मामले में न्यायालय ने आर राजा की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। - संवाद
मारपीट और तोड़फोड़ के दो आरोपियों को मिली जमानत
गोंडा। मनकापुर क्षेत्र में जमीन की रंजिश को लेकर मारपीट और घर में तोड़फोड़ के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निर्भय प्रकाश ने तिलकराम यादव और अजीत यादव की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
घनश्याम तिवारी ने आरोप लगाया था कि 20 मई 2024 को जमीन की रंजिश में आरोपियों ने उनके घर पर ईंटें फेंकीं और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। घर में लगे शीशे और बक्से भी तोड़ दिए गए। घटना में घनश्याम, उनके बेटे-बेटी और भतीजे को चोटें आई थीं। - संवाद