नोटबंदी के 55वें दिन भी जिले में कैश की किल्लत दूर नहीं हो सकी है। मंगलवार को सर्व यूपी ग्रामीण बैंक गौरा चौराहा के ग्राहकों ने कैश न मिलने पर बैंक के सामने गौरा-तुलसीपुर मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
वहीं, महिला ग्राहकों ने गेट पर ताला जड़कर बैंक के अफसरों व कर्मियों को अंदर बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक ग्राहकों ने हंगामा किया। इस दौरान मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। गौरा थाने की पुलिस ने ग्राहकों को समझाकर मामला शांत कराया।
बैंक ग्राहकों ने गौरा-तुलसीपुर मार्ग पर चक्का जाम करते हुए कहा कि नोटबंदी के 55 दिन बाद भी कैश किल्लत की समस्या दूर नहीं हुई है। तमाम ग्राहक रोजाना बैंक का चक्कर काटकर बैरंग लौट रहे है। बैंक के अधिकारी व कर्मचारी ग्राहकों से अभद्रता करने के साथ-साथ कैश भी नहीं दे रहे है। रसूख वाले व्यक्तियों को बैंक से पैसा दिया जा रहा है। पैसा न मिलने से खेती आदि का कार्य प्रभावित हो रहा है।
महिला ग्राहकों ने भी आक्रोश जताते हुए बैंक गेट पर ताला जड़ दिया। इससे बैंक के अंदर अफसर व कर्मी दो घंटे तक कैद रहे। गौरा थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव ने चक्का जाम कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद मार्ग पर आवागम बहाल हुआ।
उधर, बैंक गेट पर ताला जड़कर विरोध जता रहीं महिला ग्राहकों को भी थानाध्यक्ष ने समझाकर ताला खुलवाया। लीड बैंक प्रबंधक आरवीएस राजपूत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में अभी तक कैश की कमी की समस्या दूर नहीं हो सकी है। कैश की समस्या दूर होते ही ग्राहकों को दिक्कतों से छुटकारा मिल जाएगा।