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UP News: हादसे की फाइल में घूस लेकर किया खेल, आईजी ने एक निरीक्षक और 12 उप निरीक्षकों पर गिराई गाज... निलंबित

Fri, 30 Jan 2026 08:21 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

गोंडा में हादसे की फाइल में घूस लेकर खेल करने का मामला सामने आया है। आईजी ने एक निरीक्षक और 12 उप निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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आईजी अमित पाठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सड़क दुर्घटना के मामलों की विवेचना में गंभीर अनियमितता और बीमा क्षतिपूर्ति में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। दुर्घटना बीमा के लिए नामित बीमा संस्था के अधिकारी की शिकायत पर हुई जांच में मामला सामने आया है। मंडल के गोंडा, बहराइच व श्रावस्ती जिले के एक निरीक्षक व 12 उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया है। तीन उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रचलित है।

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आईजी अमित पाठक ने बताया कि बीमा संस्था के अधिकारी राजेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत पर संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एसआईटी गठित कर सड़क दुर्घटना के मामलों की जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। 


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एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए

एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए श्रावस्ती की भिनगा कोतवाली के निरीक्षक योगेश सिंह को निलंबित कर दिया गया। बहराइच के हरदी थाने के उपनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय, रामगांव थाने के संजीव कुमार द्विवेदी, रूपनरायन गौड़, नानपारा थाने के राजेश्वर सिंह, मटेरा थाने के तेज नारायण यादव व राकेश कुमार, मोतीपुर थाने के उपनिरीक्षक विजय यादव व दिवाकर तिवारी को निलंबित किया गया है।

गोंडा के खरगूपुर थाने के उपनिरीक्षक शेषनाथ पांडेय व इटियाथोक थाने के शशांक मौर्य को निलंबित किया गया है। इसी तरह श्रावस्ती के इकौना थाने के उपनिरीक्षक शैलेश कुमार त्रिपाठी व प्रेमचंद को भी निलंबित किया गया है।

वहीं, बहराइच के नवाबगंज थाने के उपनिरीक्षक अशोक कुमार जायसवाल, बौंडी थाने के मेहताब आलत व श्रावस्ती की भिनगा कोतवाली के उपनिरीक्षक गुरूसेन सिंह का गैर जनपद तबादला होने के कारण निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।

आईजी ने कही ये बात

आईजी ने बताया कि जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने सड़क दुर्घटना मामलों की विवेचना में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया। नियमों की अनदेखी करते हुए बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए वास्तविक वाहनों व अभियुक्तों को ही बदल दिया गया।
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