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यूपी: पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण ने कहा बांटने वाला है यूजीसी कानून, अगर वापस नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

Wed, 28 Jan 2026 09:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

UGC controversy: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यूजीसी का नया कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। 
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पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 यूजीसी के नए नियम के विरुद्ध कैसरगंज से भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को मोर्चा खोल दिया। विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कानून बताया और सरकार से तत्काल वापस लेने की अपील की। चेताया भी कि सरकार इस कानून को वापस ले, नहीं तो आंदोलन होगा। इसमें समाज के सभी वर्ग के लोग शामिल होंगे।

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पूर्व सांसद ने परिसर में खेल रहे बच्चों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनमें उनके परिवार के साथ ही अनुसूचित और ओबीसी समाज के बच्चे भी हैं। यहां सभी एक साथ खेलते हैं। घर से सबके लिए नाश्ता जाता है और सभी साथ बैठकर खाते भी हैं। उन्होंने कहा कि समाज कैसे चलता है, यह दफ्तरों में बैठकर तय नहीं किया जा सकता। गांव में आकर देखिए, यहां बिना किसी भेदभाव के सभी जाति व वर्ग के लोग साथ रहते हैं।

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने घर की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया कि क्या भविष्य में ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं कि किसी अनुसूचित या ओबीसी को इस घर में प्रवेश न मिले? यही स्थिति यह कानून पैदा कर रहा है। पूर्व सांसद ने सरकार से हाथ जोड़कर आग्रह किया है कि इस बिल को वापस लें। यह समाज को बांटने वाला है।

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सामाजिक समरसता को होगा खतरा

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
पूर्व सांसद ने कहा कि सवर्ण समाज को चाहिए कि वह पिछड़े व दलित समाज के प्रबुद्ध वर्ग से संवाद करे और मिलकर इस कानून का विरोध करे। गांव में सभी एक साथ रहते हैं। हाल ही में राष्ट्र कथा कार्यक्रम में 52 जातियों व समाजों के धर्मगुरुओं से उद्घाटन कराया गया। सभी से एक-एक वृक्ष लेकर ‘सनातन वाटिका’ विकसित की जा रही है, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सरकार ने कानून बनाकर उस मिशन को नुकसान पहुंचाया है।

जरूरत पड़ी तो सभी साथ होकर करेंगे आंदोलन
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि कोई बच्चा या व्यक्ति गलती करता है, तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति का हो। सिर्फ एक जाति को आरोपी बना देना उचित नहीं है। सरकार को चेताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले दलित उत्पीड़न रोकने के लिए कानून बनाए गए, लेकिन क्या अत्याचार पूरी तरह रुके? नहीं, बल्कि दुरुपयोग ज्यादा हुआ। पूर्व सांसद ने कहा कि वह इस कानून के पूर्ण रूप से विरोध में हैं और यदि जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी करेंगे, जिसमें केवल सवर्ण समाज ही नहीं बल्कि सभी जातियों और वर्गों के लोग शामिल होंगे।
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सांसद बेटे ने भी यूजीसी को लेकर खोला मोर्चा

करण भूषण सिंह और बृजभूषण शरण सिंह - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से यूजीसी के नए नियम को लेकर उनके विरुद्ध भ्रांतियां फैलाई जा रहीं है। बिना उनका पक्ष जाने ऐसा कैंपेन चलाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि संसद की जिस स्टैंडिंग कमेटी के वह सदस्य हैं, उस कमेटी का इन नियमों के निर्माण में कोई भी योगदान नहीं था। कैसरगंज सांसद ने कहा कि उनकी भावनाएं समाज के लोगों के साथ है। उन्होंने मांग की है कि यूजीसी अपने इस नियम पर फिर विचार करते हुए जन भावना का सम्मान करे और इसमें आवश्यक सुधार लेकर आएं, जिससे समाज में जाति आधारित किसी प्रकार का विभेद न हो। उन्होंने कहा कि हम अपने शिक्षण संस्थाओं को जातिगत युद्ध का केंद्र बनने नहीं दे सकते हैं। हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। इसके पहले सांसद के बड़े भाई गोंडा सदर से विधायक प्रतीक भूषण सिंह भी मंगलवार को यूजीसी को लेकर मोर्चा खोल चुके हैं।
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