सरकारी स्कूलों, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व मदरसों में बच्चों का फर्जी नामांकन कर एमडीएम का राशन डकार रहे जिम्मेदारों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एमडीएम योजना में घालमेल को रोकने के लिए शासन ने मध्यान्ह भोजन से आच्छादित सभी स्कूलों में नामांकित नौनिहालों को आधारकार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया है।
इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों से लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग व अल्पसंख्यक विभाग के मदरसों में पढ़ने वाले तीन लाख 59 हजार नौनिहालों को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा सचिव ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर बच्चों का आधार कार्ड बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में जिले के परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक शिक्षा विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मदरसों में पढ़ने वाले करीब तीन लाख 59 हजार नौनिहालों को एमडीएम का लाभ मिल रहा है। लेकिन इनमें से कई स्कूल ऐसे है जिनमें बच्चों का नामांकन सिर्फ दिखावे के लिए होता है। शासन ने इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए इन स्कूलों में पंजीकृत नौनिहालों को आधारकार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया है।
इसके तहत स्कूूलों में कैंप का आयोजन कर बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। मध्यान्ह भोजन के जिला समन्वयक गणेश गुप्ता ने बताया कि एमडीएम योजना से आच्छादित स्कूलों के बच्चों को आधार कार्ड से जोड़ने के निर्देश मिले है।
इसके अंतर्गत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला विद्यायल निरीक्षक व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से विद्यालय वार छात्र संख्या, अध्यापक का विवरण व उनका मोबाइल नंबर मांगा गया है। इन सभी सूचनाओं को तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत स्कूलों में नौनिहालों का आधार कार्ड बनाने के लिए यूपीडेस्को को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।