गोंडा। विद्यार्थियों के पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) की अनिवार्यता व आधार कार्ड न होने से जिले के कई स्कूल बच्चों को प्रवेश देने से इंकार कर रहे हैं। इसको लेकर अभिभावकों ने नोडल बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत दर्ज कराई है। मामले में बीएसए ने सभी बच्चों को प्रवेश देने के लिए विद्यालयों को आदेश दिया है।
गत वर्षों में जिले में कक्षा एक से 12 तक संचालित 4600 से अधिक विद्यालयों को यू-डॉयस कोड जारी किया गया। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे पर्सनल एजुकेशन नंबर जारी किया गया है। नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विभाग की ओर से दाखिले के लिए पेन व आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। जिसके चलते कई विद्यालय पेन व आधार न होने पर प्रवेश से इंकार कर रहे हैं। अभिभावकों ने यू-डायस के लिए नोडल बेसिक शिक्षा विभाग में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। एमआईएस इंचार्ज जगदीश शरण गुप्त ने बताया कि किसी भी विद्यार्थी को पेन व आधार की अनिवार्यता के आधार पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसा करने पर संबंधित विद्यालय के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि यू-डायस प्लस पोर्टल पर संबंधित विद्यालय के यू-डायस कोड के तहत बच्चों का सामान्य प्रोफाइल, नामांकन प्रोफाइल, फैसिलिटी प्रोफाइल दर्ज करने पर ही पेन जनरेट होगा। शैक्षणिक सत्र में कक्षा एक के बच्चों का प्रधानाध्यापक और कक्षा दो से 12 तक विद्यार्थियों का ब्लॉक स्तर से पेन जनरेट कराया जा सकता है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि जिले के ब्लॉक संसाधन केंद्रों के अलावा न्याय पंचायत स्तर पर 32 विभागीय और 34 स्थानों पर श्रीटान संस्था के माध्यम से आधार कार्ड बनाया जा रहा है। पिछले वर्ष आधार न होने से 12 हजार से अधिक विद्यार्थी डायरेक्ट बेनीफिट (डीबीटी) लाभ से वंंचित रह गए थे। ऐसे में सभी स्थानों पर आधार बनाया जा रहा है।
बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के तहत प्रवेश से कोई भी विद्यार्थी वंचित नहीं रहेगा। ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तर पर आधार बनाने की सुविधा है। ऐसे में अभिभावकों से बच्चे का आधार बनवाने की अपील की जा रही है। वहीं, मनमानी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।