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Gonda News: रंजिश में धारदार हथियार से युवक की हत्या

Mon, 03 Mar 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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मुजेहना/झंझरी/मोतीगंज (गोंडा)। देहात कोतवाली के महादेवा पिपरी सागर गांव में रविवार शाम लाठी-डंडे से पीटकर व धारदार हथियार से हमला कर पवन कुमार तिवारी (22) की हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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पिपरी सागर निवासी विजय कुमार के मंझले बेटे पवन कुमार घर पर रहकर खेती करते थे। रविवार शाम को गांव के किसी व्यक्ति ने खेत में मवेशी के चरने की सूचना पवन को दी। इसके बाद वह फोन पर बात करते हुए मवेशी भागने चले गए। आरोप है कि इसी दौरान गांव के पूरब की तरफ निर्माणाधीन आरआरसी सेंटर में पहले से घात लगाकर छिपे आरोपियों ने पवन को घेर लिया।

वह जान बचाने के लिए भागे तो आरोपियों ने दो सौ मीटर दौड़ाकर पकड़ लिया और लाठी-डंडे से पीटकर व धारदार हथियार से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। गंभीर रूप से घायल पवन मौके पर करीब आधे घंटे तक पड़े तड़पते रहे। इस बीच सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने एबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस आने में देर होती देख परिजन उन्हें मोटरसाइकिल से ही मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से लखनऊ ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान देर रात पवन की मौत हो गई।
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देहात कोतवाल संजय कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद रविवार देरशाम ही पवन के पिता विजय तिवारी की तहरीर पर गांव के ही बाबूराम के बेटे भोला और संजय के साथ ही परिवार के आदित्य व संतोष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पवन की मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाई गई है। हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

सीओ सिटी आनंद कुमार राय ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना किया गया है। गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। शांति व्यवस्था कायम है। कुल चार टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
अक्तूबर में भी हुआ था विवाद
गोंडा। देहात कोतवाली के महादेवा पिपरी सागर गांव में पवन तिवारी की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। गत अक्तूबर महीने में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पीड़ित परिजनों ने बताया कि खेत में बांस गाड़ने के विवाद में पवन व चचेरे भाई अर्जुन की पिटाई कर दी गई थी। इसमें पवन का सिर फट गया था। इससे नाराज परिजनों ने विपक्षी बाबूराम के पिता लक्ष्मी की पिटाई कर दी थी। इसमें उनका हाथ टूट गया। इससे बाबूराम के बेटे रंजिश रख रहे थे। ऐसे में गांव में दहशत कायम करने के लिए दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया है। परिजनों ने मुताबिक, बाबूराम ने पवन की दादी के नाम की 13 बिस्वा जमीन खरीदी थी। आरोप है कि बाबूराम व उसके परिजन इससे अधिक जमीन कब्जा करने के लिए प्रयास कर रहे थे। इसका पवन विरोध कर रहे थे।
दिसंबर में हुई थी पवन की शादी
ग्रामीणों के मुताबिक, विजय तिवारी के तीन बेटों में पवन सबसे होनहार थे। उनके बड़े भाई मनोज दिल्ली में रहते हैं, जबकि छोटा भाई दद्दन बंगलूरू में पीओपी का काम करता है। पवन गांव में रहकर परिवार संभाल रहे थे। दिसंबर में उनकी शादी हुई थी। मार्च में गौने की तैयारी चल रही थी। मां मीना देवी और पिता विजय तिवारी बेहद सीधे हैं।
घटना को दबाती रही पुलिस, मौत के बाद पहुंचे अधिकारी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पवन की बर्बरता से पिटाई की गई। उनके सीने से लेकर पैर तक गंभीर चोटें आईं थी। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने पवन को तब तक पीटना बंद नहीं किया जब तक वे लोग मौके पर नहीं पहुंच गए। परिजनों व ग्रामीणों को देख आरोपी मौके से भाग निकले। आरोप है कि इसके बाद भी चौकी पुलिस ने मामूली मारपीट की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इलाज के दौरान जब पवन की मौत हो गई तब आरोपी घर छोड़कर भाग गए। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। सीओ सिटी आनंद कुमार राय ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
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