मेडिकल कॉलेज का हॉस्पिटल ब्लॉक। -संवाद
गोंडा। केंद्र सरकार के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई है। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर खोलने की भी योजना को बजट में स्थान दिया गया है। इस निर्णय के बाद से गोंडा में ट्राॅमा सेंटर की स्थापना की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।
जिले में अभी तक ट्राॅमा सेंटर न होने से घायलों व मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इमरजेंसी मामलों में यहां से मरीजों को रेफर करना पड़ता है। ट्राॅमा सेंटर की स्थापना से सहूलियत मिलेगी। साथ ही कई अन्य सुविधाओं का विस्तार होगा। ट्राॅमा सेंटर बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह का कहना है कि ट्राॅमा सेंटर की स्थापना से सुविधाओं का विस्तार होगा। वैसे, पहले से ही क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण चल रहा है, इससे क्रिटिकल मामलों में त्वरित सुविधा मिल सकेगी। बुजुर्गों के लिए जेरियाट्रिक केयर सिस्टम को मजबूत करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
कैंसर व डायबिटीज रोगियों को मिलेगी राहत
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह का कहना है कि कैंसर और डायबिटीज (शुगर) जैसी बीमारियों की दवाएं सस्ती की गई हैं। इससे मरीजों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
शिक्षक डॉ. अभय श्रीवास्तव का कहना है कि तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा में सीटें बढ़ाने, शिक्षा से रोजगार और उद्यम को जोड़ने की पहल युवाओं के लिए फायदेमंद है। इससे पढ़ाई के बाद बेहतर अवसर मिलेंगे। उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्रावास और शिक्षा से रोजगार को जोड़ने की पहल विद्यार्थियों के लिए शुभ है।
डॉ. मधुलिका गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पांच वर्षों में एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को जोड़ने की योजना से रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाओं में विकास से आम लोगों को फायदा होगा।
दवा व्यापारी शेष चौरसिया का कहना है कि कैंसर रोगियों के लिए दवाएं सस्ती करने और जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर ट्रॉमा सेंटर बनाने की घोषणा से जिले के लोगों को राहत मिलेगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।