गोंडा। सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में एक युवती की मौत हो गई। परिजनों ने झाड़फूंक के चक्कर में छह घंटे तक समय गंवा दिया। बाद में अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई।
इटियाथोक के दौदापुर निवासी आसमा को रविवार भोर सांप ने काट लिया। परिजन मकसूद अली ने बताया कि आसमा को बहराइच के पयागपुर में झाड़फूंक के लिए ले जाया गया। राहत न मिलने पर 08:54 बजे गोंडा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया। ईएमओ डॉ. रविरंजन ने बताया कि मरीज को 25 वॉयल एंटी स्नेक वेनम लगाई गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी होने से जान नहीं बचाई जा सकी। इसी तरह 10 अगस्त को खरगूपुर के बराराय निवासी शिवांश को भी सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के लिए पयागपुर ले जाया गया था। राहत न मिलने पर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय शिवांश की मौत हो गई थी।
समय से अस्पताल पहुंचने से बच गई जिंदगी
बीते दो दिन में समय से अस्पताल पहुंचने वाले सर्पदंश पीड़ित तीन लोगों की जान बचाई गई। उमरी बेगमगंज के चंगेरी शुक्ल पुरवा निवासी श्याम देवी, मनकापुर निवासी सावित्री देवी व परसपुर निवासी संतराम को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में भर्ती कर समय से एंटी स्नेक वेनम की डोज देकर जान बचाई गई।
सांप के काटने पर करें ये काम
-सांप के काटने पर बिल्कुल न घबराएं।
-झाड़फूंक के चक्कर में समय न गवांए।
-अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।
-सर्पदंश वाले घाव को न काटें और न कोई दवा लगाएं।
-पीड़ित को बाएं करवट लिटाएं, बेहोश न होने दें।
सभी अस्पतालों में उपलब्ध है एएसवी
जिले के सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की डोज उपलब्ध है। सांप काटने पर सबसे पहले अस्पताल पहुंचकर एएसवी लगवाएं। जितने कम समय में एंटी स्नेक वेनम की डोज लग जाएगी, जान बचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
डॉ. आदित्य वर्मा, एसीएमओ