गोंडा। सरयू और घाघरा नदी में उफान से बाढ़ क्षेत्र में कहर शुरू हो गया है। करनैलगंज में तो बाढ़ से गांव घिरे हैं, लेकिन तरबगंज में बाढ़ का तांडव शुरू है। शनिवार को बाढ़ से कटान तेज हो गई है और त्रासदी भी शुरू हो गया है। बेलसर का प्राइमरी स्कूल केवटाही कटान की जद में आ गया और नदी में समा गया है। इसके साथ ही चार और स्कूल नदी के दायरे में आ गए हैं। पानी से स्कूल घिर गये हैं। इन चारों स्कूलों में भी कटान हो रही है, बाढ़ का कहर ऐसे ही जारी रहा तो चारों स्कूलों पर संकट गहरा जाएगा। फिलहाल अभी एक ही स्कूल के नदी में समाने की पुष्टि हुई है। इससे करीब 500 बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है।
सरयू और घाघरा नदी के तटवर्ती गांवों पर अचानक बाढ़ का संकट ज्यादा बढ़ गया है। तरबगंज तहसील के ऐली परसौली गांव में बाढ़ से पहले ही 10 घर नदी में समा चुके हैं। अब स्कूलों पर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है प्राइमरी स्कूल केवटाही शनिवार को नदी के कटान से भरभराकर नदी में समा गया और स्कूल का अस्तित्व खत्म हो गया है। इस स्कूल में 77 बच्चे पंजीकृत हैं और सुबह जब 44 बच्चे स्कूल आए तो कटान लगी होने से स्कूल में नहीं बैठे। इसके बाद स्कूल ही बह गया। इसके अलावा नदी से प्राइमरी स्कूल ऐली माझा घिर गया है यहां 167 बच्चों का नामांकन है और यह स्कूल भी पूरी तरह नदी की जद में आ गया है अभी बहा नहीं है। प्राइमरी स्कूल गोड़ियनपुरवा में 103 बच्चों का नामांकन है, प्राइमरी स्कूल जबर नगर माझा में 47 बच्चे हैं और प्राइमरी स्कूल गढ़ी में 97 बच्चे नामांकित हैं। यह स्कूल भी चारो ओर बाढ़ से घिर गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई बंद कर दी गई है और बच्चों को प्राइमरी स्कूल ऐली में बैठाने की व्यवस्था की जा रही है। स्कूलों के साथ ही एक दर्जन गांव भी बाढ़ की चपेट में है। खंड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह ने बताया कि बाढ़ से स्कूलों में समस्या हो गई है और स्कूलों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है।
घाघरा के कटान से 800 बीघे खेत भी नदी में समाए
करनैलगंज (गोंडा)। घाघरा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से बांध के आसपास के ग्रामीणों की धड़कने बढ़ गई है। अगर रविवार तक पानी बढने का सिलसिला बना रहा तो पानी नकहरा गांव के करीब पहुंच जाएगा। जिससे नकहरा गांव के 400 घर की 4 हजार आबादी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ जायेगी। घाघरा का कहर बांध के अंदर खाली पड़े खेतों व जमीनों पर जारी है। पारा, कमियार, माझा रायपुर, बेहटा व नकहरा गांव के करीब 800 बीघे जमीन 2 दिनों में घाघरा निगल चुकी है। घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का खतरा नकहरा, काशीपुर, बेहटा, चरपुरवा, परसावल, नैपुरा, बांसगांव गांव पर मंडराने लगा है।
स्थिति पर लगातार है नजर
बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोनो तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।-रत्नाकर मिश्र, एडीएम
बच्चों की दूसरे स्कूलों में पढ़ाई की होगी व्यवस्था
बेलसर ब्लॉक के एक स्कूल में कटान होने की जानकारी हुई है। खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूलों में बैठने की व्यवस्था कराएं। -मनिराम सिंह, बीएसए