करनैलगंज/परसपुर/पसका/मसकनवा/इटियाथोक। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को जिले के कई स्थानों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कटरा, सकरौरा, कचनापुर और यमदुतिया घाटों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। पांच लाख से अधिक लोगों ने पतित पावनी सरयू में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। घाटों पर सजे मेलों में मिठाई, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन और पूजा सामग्री की दुकानों पर जमकर खरीददारी हुई।
भारी भीड़ के चलते गोंडा-लखनऊ मार्ग पर करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम हटवाने में कोतवाल तेज प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी राजीव कनौजिया और पुलिस बल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने विभिन्न घाटों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
परसपुर व पसका संवाद के अनुसार, बुधवार को सुबह घने कोहरे और ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर रही। भौरीगंज स्थित सरयू नदी के लाला घाट, जंबू तीर्थ, पसका त्रिमुहानी, बरुहा व डेलुआ घाटों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पतित पावनी सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। श्रीराम जानकी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद प्रसाद चढ़ाया। मुख्य पुजारी महंत गोकरण दास ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
मसकनवा संवाद के अनुसार, स्वामी नारायण छपिया धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखा। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने नारायण सरोवर में डुबकी लगाई। महंत देव स्वामी, गुरु जगत प्रकाश स्वामी, कोठारी विष्णु स्वामी व अन्य संतों ने भगवान घनश्याम महाराज की पूजा-अर्चना की। दूर-दूर से आए भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बाहर लगे मेले में श्रद्धालुओं ने खरीददारी का आनंद उठाया।
रुपईडीह व इटियाथोक संवाद के अनुसार, मनवर नदी के उद्गम स्थल तिर्रे मनोरमा में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। महर्षि उद्दालक मुनि की तपोस्थली पर श्रद्धालुओं ने मनवर सरोवर में स्नान कर परिक्रमा की और शिव मंदिर में दर्शन किया। मेले में प्रसिद्ध गट्टे की खूब बिक्री हुई। बच्चों ने झूलों और ड्रैगन ट्रेन की सवारी का आनंद लिया। पुलिस, पीएसी और स्वास्थ्य विभाग की टीम सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही। वहीं संझवल के धुसवा सरोवर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजन के लिए पहुंचे।
मेले में दिनभर हुई खरीदारी
पसका। घाटों पर मिष्ठान, खिलौने, पूजा सामग्री और गृह उपयोगी वस्तुओं की दुकानों से सजा मेला दिनभर गुलजार रहा। महिलाएं खरीदारी में जुटी रहीं, जबकि बच्चे खिलौनों की दुकानों पर उमड़ पड़े। सरिता, बिटाना, बृजादेवी और कलावती ने बेहतर व्यवस्था की मांग की। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां सरयू की आरती कर पुष्प व मिष्ठान अर्पित किया।