गोंडा में बिजली की लाइन दुरुस्त करते कर्मी। स्रोत: विभाग
गोंडा। हल्की बारिश और तेज हवा ने जहां एक महीने तक चले अनुरक्षण कार्यों की परीक्षा ली तो वहीं, पहले दिन ही पावर कॉर्पोरेशन की व्यवस्था धड़ाम हो गई। गर्मी के साथ ही पहली बार बारिश और तेज हवा के चलते शहर से लेकर गांव तक बिजली गुल रही। सिविल लाइन इलाके में जर्जर विद्युत तार टूट कर गिर गए तो वहीं, ब्रेकर दगने से आठ घंटे बाद झंझरी उपकेंद्र से आपूर्ति बहाल हो सकी।
रविवार सुबह करीब सात बजे तेज हवा के साथ ही हल्की बारिश के बाद अंबेडकर चौराहा, झंझरी समेत अन्य विद्युत उपकेंद्रों की बिजली गुल हो गई। घंटों इंतजार के बाद लोगों ने विद्युत उपकेंद्र पर फोन करना शुरू किया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत कर्मियों के फोन रिसीव नहीं हुए। अधीक्षण अभियंता व मुख्य अभियंता कार्यालय कंट्रोल रूम से संपर्क नहीं हो सका। अवर अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक का फोन रिसीव नहीं हुआ।
अंबेडकर चौराहे के उपखंड अधिकारी हृदय नारायण सिंह ने बताया कि तेज हवा के चलते 33 केवी विद्युत लाइन टूटकर गिरने से बिजली प्रभावित हुई थी। सूचना के तत्काल बाद अवर अभियंता समेत कर्मचारियों को मौके पर भेजकर बहाल कराने के प्रयास किए गए। इसके बाद जेल रोड पर 220 केवी ट्रांसमिशन में ब्रेकर दगने से आपूर्ति बहाली में देरी हुई है। उपभोक्ताओं को कम से कम समस्याओं का सामना करना पड़े, इसके लिए बड़गांव विद्युत उपकेंद्र के वैकल्पिक लाइन से जोड़कर तीन बजे आपूर्ति बहाल कराई गई।
50 गांव रहे प्रभावित
इटियाथोक। बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इटियाथोक उपकेंद्र के ग्रामीण फीडरों की आपूर्ति बंद हो गई। तार गिरने व अन्य फॉल्ट होने से ईस्ट, साउथ, बलरामपुर व खरगूपुर फीडर से जुड़े 50 गांवों की आपूर्ति बाधित रही। करीब 11 बजे आपूर्ति बहाल हुई। अवर अभियंता अंकुर वर्मा ने बताया कि फॉल्ट के चलते आपूर्ति बाधित रही। (संवाद)