गोंडा। जिलाधिकारी आवास के सामने टेंट व्यवसायी को गोली मारने के आरोपी राम सिंह निवासी सिविल लाइंस को रविवार को पुलिस ने रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, गोली लगने से घायल सुजीत सिंह का एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज चल रहा है।
शहर के रानीपुरवा निवासी अजीत सिंह ने शनिवार को सिविल लाइंस निवासी राम सिंह, उसकी बहन रुचि सिंह व दो साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि राम सिंह का अपने भाई लक्ष्मण सिंह से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। उसी मकान में डाकघर संचालित है, जिसका काम वह देखता है। शुक्रवार शाम वह अपने चचेरे भाई सुजीत सिंह के साथ डाकघर में मौजूद था, तभी राम सिंह अपनी दोनाली लाइसेंसी बंदूक लेकर दो साथियों के साथ पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। विरोध पर राम सिंह ने फायर कर दिया, जिससे सुजीत सिंह के सीने के नीचे गोली लग गई। इसके बाद राम सिंह के दोनों साथी असलहा लहराते हुए भाग निकले, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने राम सिंह को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तहरीर में राम सिंह की बहन रुचि सिंह पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने राम सिंह के पास से उसकी दोनाली लाइसेंसी बंदूक, दो कारतूस व एक खोखा बरामद किया था। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को आरोपी राम सिंह को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, अजीत सिंह ने बताया कि भाई सुजीत की हालत में पहले सुधार हुआ है, अब वह खतरे से बाहर हैं।