गोंडा। सब्जियों का राजा आलू भी महंगाई की चपेट में आ गया। इससे रोजाना इस्तेमाल होने वाले आलू ने लोगों की जेबें ढीली करनी शुरू कर दी हैं। चार माह में थोक बाजार में आलू दो से पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ है, जबकि प्याज की कीमत में दो सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से गिरावट आई है।
गोंडा सब्जी मंडी में इस समय पुराना आलू 1,800 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। यही आलू बाजार में फुटकर 28 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। नया आलू बाजार में 35 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसकी वजह जमाखोरी के साथ त्योहार के सीजन में ज्यादा डिमांड होना बताया जा रहा है। संतोष कुमार ने बताया कि आलू की जमाखोरी आलू की कीमतों को बढ़ा रहीं हैं। हालांकि व्यापारी इस बात से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल मौसम खराब होने के कारण आलू की पैदावार जहां कम हुई है वहीं आखिरी सीजन में बारिश से आलू की फसलें खराब हो गईं। उत्पादन कम होने से कीमतों पर असर पड़ा है। सब्जी व्यापारी राजू का कहना है कि बाहर से आलू मंगाने पर खर्चा अधिक आ रहा है। जिले में कोई बड़ा कोल्डस्टोरेज न होने से बाहर से आलू मंगाने पर भाड़ा खर्चा बढ़ जाता है। आलू किसान ध्रुपराज यादव ने बताया कि जिले में कोल्डस्टोर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जिले में कुछ किसानों ने तो आलू का भंडारण किया है। लेकिन ज्यादातर किसानों ने अपनी उपज को मजबूरन खुलेबाजार में बेच दिया था, क्योेंकि आलू को ज्यादा दिन तक नहीं रखा जा सकता। जिले का आलू बड़े कारोबारियों व कुछ मल्टीनेशनल कंपनियों ने बड़ी तादाद में बडे़ शहरों के कोल्डस्टोर में जमा करा दिया। अब वही आलू वहां से यहां के व्यापारी थोड़ा-थोड़ा करके मंगाते हैं। बढ़े भाव के साथ ट्रांस्पोर्टेशन खर्चा बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ रहा है।