बलरामपुर। यदि किसी देश अथवा संस्था द्वारा भारत की सीमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कहना है महानिदेशक (एसएसबी) अरुण चौधरी का। जो यहां बुधवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित एसएसबी 9वीं वाहिनी और 8वीं वाहिनी की सीमा चौकी का उद्घाटन करने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल की 1,751 किमी. खुली सीमा का लाभ उठाकर क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले अराजकतत्वों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खुले सीमा क्षेत्र में घुसपैठ रोकने के लिए एसएसबी द्वारा हर संभव प्रयास किया जाएगा। एसएसबी द्वारा सीमावर्ती लोगों को सुरक्षा के साथ-साथ सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि कुछ अराजकतत्वों द्वारा भारत-नेपाल के मित्रवत संबंधों में दरार डालने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों देशों की जनता व सरकार की सूझबूझ से वह अपने प्रयास में सफल नहीं हुए। महानिदेशक ने एसएसबी के अधिकारियों को निर्देश दिए की कैंपस के रख-रखाव एवं क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली सीमा चौकी को बेस्ट चौकी की ट्रॉफी प्रदान की जाए। बालिकाओं की सुरक्षा बल में भर्ती के लिए योग्यता आदि की जानकारी देने हेतु एसएसबी द्वारा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाए। सीमा क्षेत्र में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। इस अवसर पर महानिरीक्षक (एसएसबी, लखनऊ सीमांत) अविनाश चंद्र एवं उपमहानिरीक्षक (गोरखपुर सेक्टर) आरएस शेखावत ने भी एसएसबी जवानों को देश की सुरक्षा के प्रति सजग रहने को कहा। इससे पूर्व महानिदेशक का थारु जनजाति की महिलाओं और नेपाल के नागरिकों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। मदरसा इस्लामिया नुरुल इस्लाम कोयलाबास नेपाल एवं नेपाल माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी अधिकारियों का स्वागत किया। महानिदेशक ने एसएसबी 9वीं वाहिनी की सीमा चौकी कोयलाबास व शुक्लीनाका तथा एसएसबी 8वीं वाहिनी की सीमा चौकी तरुसमा व भैसाही नाका का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एसएसबी चौकियों के मैप, मेस व बैरक आदि का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण केन्द्र गोरखपुर यूपी बलोदी, उप महानिरीक्षक मेडिकल गोरखपुर जे. वात्सायन, एसएसबी 9वीं वाहिनी कमांडेंट मूर्ति सिंह, द्वितीय कमांडेंट 50वीं वाहिनी डीवी सोनार आदि मौजूद रहे।