खरगूपुर। स्थानीय ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) में हुई ठगी को लेकर अब तक 98 लोगों ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस जांच में ठगी की रकम लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार को पुलिस ने दो लोगों की तहरीर पर गबन के आरोप में संचालक और उसके सहायक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है।
नगर पंचायत स्थित बस स्टॉप पर संचालित भारतीय स्टेट बैंक के सीएसपी में ठगी की जानकारी होने पर नौशहरा निवासी रामावती ने 2.50 लाख रुपये, सोनहरिया पिपरा भोधर की शिवनंदनी ने 1.40 लाख, मोहल्ला दर्जी पूर्वी के शेर मोहम्मद ने 1.21 लाख, बालपुर पिपरा भोधर की शमीमा ने 94 हजार, कस्बे की शीला ने 74,838 और फत्तेगढ़ की फरीदा ने 1.40 लाख रुपये खाते से निकाले जाने का आरोप लगाया है। इसी प्रकार दर्जनों अन्य लोगों ने भी पुलिस में शिकायत की है।
आरोप है कि संचालक उमाशंकर और सहायक सुनील ने मिलीभगत करके 2011 से लोगों के खातों से धीरे-धीरे रुपये निकालकर गबन कर लिया। ग्राहकों को भनक इसलिए नहीं लगी क्योंकि वे केवल इसी केंद्र से रुपये निकालते थे। आरोपी उन्हें दूसरी शाखा में जाने से मना करते थे। इससे उन्हें खातों की जानकारी नहीं हो पाती थी।
सेव सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रदीप सिन्हा ने बताया कि गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर दोनों की आईडी बंद कर दी गई थी, जिससे लेनदेन ठप हो गया था। प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध दर्जनों शिकायतें मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। प्रत्येक तहरीर की जांच कराकर विवेचना में सभी पीड़ितों के नाम शामिल किए जाएंगे।