खंभों के टूटने से 300 गांव की बिजली गुल
गोंडा। आंधी-पानी के चलते देहात क्षेत्र की बिजली बहाल करा पाने में पावर कारपोरेशन अधिकारियों के पसीने छूटने लगे हैं। हालत यह है कि अभी तीन दिन पहले आई आंधी के ही जख्म पूरी तरह से नहीं भरे थे कि शुक्रवार भोर में एक बार फिर से आए आंधी-पानी ने कई गांवों को अंधेरे मे डुबो दिया।
अलग-अलग बिजलीघरों से जुड़े करीब 300 से ऊपर गांवों की सप्लाई आंधी-पानी में 500 से ऊपर बिजली के खंभों के टूटने के कारण बंद चल रही है। इसको दुरुस्त करने में पावर कारपोरेशन को कम से कम 15 दिन का समय लग सकता है।
पिछले एक हफ्ते से रह-रह कर आने वली ऐसी ही आंधी पावर कारपोरेशन को छकाए है। अभी तीन दिन पहले बुधवार रात आई आंधी में 450 के करीब बिजली के खंभे अलग-अलग बिजलीघरों के क्षेत्र में टूट गए थे।
जबकि शुक्रवार की सुबह एक बार फिर से आई आंधी में 50 से ऊपर बिजली के खंभे बरसात के दौरान कई जगहों पर पेड़ गिरने से धराशाई हो गए। शहर के मोहल्ला आवास विकास में बभनी तालाब के पीछे एक भारी-भरकम पेड़ गिरने से 33 हजार फीडर की लाइन तीन जगहों से खंभे टूटने के कारण डैमेज हो गई।
जबकि करनैलगंज, परसपुर, मनकापुर, घारीघाट सहित अन्य बिजलीघरों के इलाकों में भी बिजली के खंभे व लाइन टूटकर नीचे आ गई है।
शहर के आवास विकास इलाके में सुबह चार घंटे तक लोगों को इसी के चलते बिजली संकट से भी जूझना पड़ा। जबकि शहर के ही पॉलीटेक्निक, आईटीआई, सिविल लाइन टाउन नंबर दो, चार, एक व तीन के अलावा झंझरी बिजली घर के भी तीन फीडर दो से तीन घंटे के लिए ब्रेकडाउन में रहे।
उधर शुक्रवार को आई आंधी-पानी से 220 केवी जेल रोड व 132 केवी करनैलगंज, मनकापुर, नवाबगंज से चलने वाले मनकापुर, नवाबगंज, डुमरियाडीह, खोरहंसा, आर्यनगर, घारीघाट, भंभुवा, परसपुर, कटराबाजार, बालपुर, मसकनवा की बिजली भी 33 केवी लाइन का फाल्ट अटेंड होने तक 6 से 7 घंटों के लिए बाधित रही।
जबकि बुधवार व शुक्रवार को आई आंधी में 500 से ऊपर बिजली के खंभों के टूटने के कारण 11 केवी फीडरों से संचालित 300 से ऊपर गांवों की बिजली अभी भी बंद चल रही है।
सभी उपखंड अधिकारियों व इलाकाई अवर अभियंताओं से उनके यहां जहां कहीं भी बिजली की लाइनें आंधी-पानी में डैमेज हुई है। कई जगहों से उन्हें इसके एस्टीमेट मिले भी हैं।
आपदा राहत में इन लाइनों का काम कराया जाएगा। जिसकी पूरी प्रक्रिया को संपादित करने का वह अपने स्तर से भरसक प्रयास भी कर रहे हैं। प्रयास पूरा है कि कम से कम समय में सभी जगहों की बिजली पहले की तरह नार्मल हो जाए।
-आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता