गोंडा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना मददगार बन रही है। जिले में पहले चरण में 6,339 बच्चों के अभिभावकों के खातों में 3.17 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। वहीं, 261 निजी विद्यालयों को 3.42 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की गई है। अभी 1,930 बच्चों और 69 विद्यालयों को भुगतान का इंतजार है।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नौ सितंबर को पहले चरण की धनराशि जारी की गई थी। जिले में योजना के तहत 8,269 पात्र बच्चे और 330 निजी विद्यालय शामिल हैं। इनमें 77 प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों और 79 प्रतिशत विद्यालयों को भुगतान हो चुका है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) प्रेम शंकर मिश्र ने बताया कि इस बार मार्च तक इंतजार किए बिना पहले ही धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शेष लाभार्थियों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने पर भुगतान किया जाएगा।
विद्यार्थियों ने किया विधानसभा का भ्रमण : पसका। सुसुंडा स्थित एक स्कूल के बच्चों ने विधानसभा का भ्रमण कर विधायी व्यवस्था की जानकारी ली। प्रधानाध्यापक ऋचा पांडेय ने बताया कि 60 बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया। छात्र उमंग वर्धन ने आभासी हेलीकॉप्टर की सवारी को रोचक बताया। दीपाली ने विधायी प्रक्रिया समझने का मौका मिलने की बात कही। (संवाद)