पिपरी पीएचसी में मरीज का इलाज करतीं डॉ. नेहा तिवारी। संवाद
परसपुर/हलधरमऊ/डुमरियाडीह/दुर्जनपुरघाट/गोंडा। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में कहीं एमबीबीएस चिकित्सकों ने मरीजों को देखा तो कहीं डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन के नदारद रहने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हलधरमऊ क्षेत्र के दो स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों का उपचार किया। पिपरी में संविदा चिकित्सकों की हड़ताल के चलते जांच संबंधी कार्य प्रभावित रहे।
परसपुर क्षेत्र के पीएचसी भौरीगंज में दोपहर 01:44 बजे तक एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मुकेश गुप्ता ने 13 मरीजों का उपचार किया। उन्होंने बताया कि सर्दी-जुकाम, बुखार, दर्द और फंगल इंफेक्शन के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। नरायनपुर के तेज नरायन फंगल इंफेक्शन, दीप्ति सर्दी-जुकाम और भूलन रीढ़ की हड्डी में दर्द से पीड़ित थे। चरसड़ी के जगजीवन को सांस लेने में दर्द और सकरौर के अमित को बुखार की शिकायत थी।
वजीरगंज क्षेत्र के पीएचसी पिपरी में डॉ. नेहा तिवारी ने 65 मरीजों का उपचार किया। डुमरियाडीह पीएचसी में फार्मासिस्ट अनुराग सिंह ने 24 मरीजों को देखा। दोनों केंद्रों पर कुल 89 मरीजों का उपचार हुआ। पिपरी में गेड़सर के हीरालाल (74) दमा और सांस की समस्या से पीड़ित थे। दुर्जनपुर के पंकज सिंह और रुद्र प्रकाश को बुखार था। संविदा चिकित्सक डॉ. नीना खुराना और लैब टेक्नीशियन दुर्गेश कुमार चौहान के हड़ताल पर रहने से खून की जांच सहित अन्य परीक्षण प्रभावित रहे।
हलधरमऊ क्षेत्र के पीएचसी नहवा परसौरा में डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित रहे। यहां फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव ने 49 मरीजों का उपचार किया, जिनमें 18 बच्चे शामिल थे। वहीं, पीएचसी बरांव में फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे। यहां आरबीएसके के आयुष चिकित्सक डॉ. अरकान खान ने 10 मरीजों का उपचार किया और लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार ने चार मरीजों की रक्त जांच की।