गोंडा। पावर कार्पोरेशन की ओर से उपभोक्ताओं की बिल बकायेदारी खत्म करने के लिए बिजली बिल राहत योजना के तहत शत-प्रतिशत सरचार्ज में छूट और मूल बिजली बिल में 25 से 15 प्रतिशत तक छूट मिलना थी। इसके बावजूद देवीपाटन जोन के 6,25,173 उपभोक्ताओं को यह योजना रास नहीं आई। इन उपभोक्ताओं ने योजना का फायदा उठाने के लिए पंजीकरण तक नहीं कराया। अब बिजली निगम इन बकायेदारों से वसूली के लिए अभियान शुरू करेगा।
बिजली बिल राहत योजना एक दिसंबर 2025 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रही। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में 2,86,042 उपभोक्ताओं ने इसका लाभ उठाया। विभाग ने योजना के दौरान 212.60 करोड़ रुपये की भारी ब्याज माफी प्रदान की। कुल 9,11,215 उपभोक्ताओं में से 6,25,173 ने योजना में पंजीकरण नहीं कराया। इन उपभोक्ताओं ने अपने बकाया बिल भी जमा नहीं किए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि राहत योजना की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब कोई रियायत नहीं मिलेगी।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि जोन के चारों जिलों में पुलिस प्रवर्तन दल गठित किए गए हैं। विभागीय टीमें भी इन दलों के साथ मिलकर काम करेंगी। यह टीमें घर-घर जाकर उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटेंगी। जिन्होंने बिल जमा नहीं किया है या पंजीकरण के बाद बकाया नहीं चुकाया है। कनेक्शन कटने के बाद अवैध रूप से बिजली जलाते पाए जाने पर जुर्माना वसूलने के साथ ही विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।