रुपईडीह/गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्वरोजगार का पैसा अधिकारियों से मिलीभगत करके चुनिंदा समूहों, ग्राम संगठनों ने बंदरबांट कर लिया। मगर उनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है और न ही 167 समूहों की लगभग 1700 महिलाओं के सपने साकार हो सके हैं।
ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली समिति ने आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में सामुदायिक निवेश निधि घोटाले की पुष्टि करते हुए सीडीओ को रिपोर्ट सौंप दी थी। सीडीओ अंकिता जैन ने डीसी एनआरएलएम जेएन राव को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी एनआरएलएम की ओर से ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सभी मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराने की जिम्मेदारी सौंपी। इस मामले में करीब 12 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कराई जानी थी।
एडीओ आईएसबी विष्णु प्रजापति की ओर से खरगूपुर थाने में बंदरबांट करने के आरोपों में चार प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। जबकि जनवरी महीने में तीन और एफआईआर के लिए खरगूपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस का दावा है कि तहरीर के साथ जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है। जबकि बीडीओ अभय कुमार सिंह का कहना है कि थाने में तहरीर दी जा चुकी है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की गई है। जल्द ही संपर्क स्थापित करके प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
थाने का चक्कर काट रहे अधिकारी
एडीओ आईएसबी विष्णु प्रजापति ने बताया कि जनवरी महीने में ही तहरीर दी जा चुकी है। प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कई बार संपर्क किया जा चुका है। मगर पुलिस ने अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय का कहना है कि तहरीर के साथ जांच रिपोर्ट नहीं लगाई गई है। संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।