परसपुर (गोंडा)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता है। 57 हजार स्थानों पर उसकी शाखाएं है। करीब 65 लाख लोग उसकी गतिविधियों से जुड़े है। वहीं, दूसरे संगठनों में भी विद्यार्थी परिषद जो विद्यार्थियों का सबसे बड़ा संगठन है। किसान संघ का सबसे बड़ा संगठन किसानों का है। मजदूरों के एक करोड़ 70 लाख की संगठन की सदस्यता है। भारतीय मजदूर संघ मजदूरों का सबसे बड़ा संगठन है। राजनीतिक क्षेत्रों में भी काम करने वाला यह संगठन विश्व का सबसे बड़ा संगठन है, जिसमें 12 करोड़ से अधिक सदस्य हैं।
यह बातें गुरुवार को आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल ने संघ परिचय के दौरान नगर पंचायत परसपुर के महाकवि तुलसीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आरएसएस के सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग के समापन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली विद्या भारती, शिशु मंदिर, विद्या मंदिर जिनके हैं, वह भी विश्व का सबसे बड़ा शैक्षिक संस्थान है।
1952 में गोरखपुर में विद्यालय शुरू होता है। आज भारत में 24 हजार विद्यालय हैं, जिसमें 34 लाख बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें एक लाख, 46 हजार शिक्षक हैं। पौने छह लाख भारत के गांवों में से एक लाख गांवों से बच्चे पढ़ने आते हैं। भारत ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी शैक्षिक संस्थान विद्या भारती है। सरकार से कोई ऐड नहीं मिलता है।
प्रांत प्रचारक ने शिविर के बारे में बताते हुए कहा कि यह सात दिवसीय वर्ग जिला स्तर से लगता है। उन्होंने कहा कि यदि आंकड़ों में जाएंगे तो एक लाख, 20 से 25 हजार प्रतिवर्ष सात दिन के प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थी आते हैं। पूरे देश में इतना लंबा प्रशिक्षण किसी भी संगठन में नहीं होता है। इसी प्रकार जो प्रशिक्षण होता है। उसमें अपना शुल्क, गणवेश, अपना किराया तथा छुट्टी लेकर स्वयंसेवक आते हैं।
यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग 12 से प्रारंभ होकर 18 अक्टूबर तक चला। जिसमें 119 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इस मौके पर सह व्यवस्था प्रमुख संग्राम सिंह, विभाग कार्यवाह अंबिका, जिला कार्यवाह तथा वर्ग कार्यवाह ओमप्रकाश पांडेय, सह जिला कार्यवाह अनुज रस्तोगी, सह जिला बौद्धिक प्रमुख अरुण शुक्ला, जिला प्रचारक अविनाश, अनुपम उपाध्याय, डॉ. स्वामी भगवदाचार्य, विधायक प्रभातकुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।