गोंडा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम गोरखपुर यूनिट के एक अफसर ने जिले के पांच हजार उपभोक्ताओं का गैस कनेक्शन बिना सहमति के ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर किए गए उपभोक्ता अगर नई एजेंसी से गैस लेने के लिए जाते हैं तो उन्हें करीब 20 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। कंपनी की मनमानी पर उपभोक्ताओं ने आक्रोश जताया है और उनका कनेक्शन पुरानी एजेंसी मे ही रखे जाने की मांग की है। उधर पुरानी एजेंसी के संचालक ने भी कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की है।
धानेपुर कस्बे मे हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने गैस एजेंसी के रखी है। ज्योति गैस एजेंसी के नाम से संचालित इस गैस एजेंसी पर करीब 20 हजार गैस उपभोक्ता हैं। ग्रामीण क्षेत्र की यह गैस एजेंसी गैस की होम डिलीवरी भी कराती है। जिससे सुदूर गांव के उपभोक्ताओं को रसोई गैस आसानी से मुहैया हो जाती है। लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने हाल ही में यहां के करीब पांच हजार उपभोक्ताओं का गैस कनेक्शन यहां से करीब 20 किमी दूर एक अन्य एजेंसी पर ट्रांसफ़र कर दिया। अपनी इस चहेती एजेंसी को लाभ पहुंचाने के लिए कंपनी ने उपभोक्ताओं से उनका कनेक्शन ट्रांसफर करने की सहमति भी नहीं ली।
इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को तब हुई जब वह गैस की रिफिल लेने ज्योति गैस एजेंसी पहुंचे। इस पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई। शुक्रवार को गैस लेने गए उपभोक्ता राम सजीवन, सफीकुन्निशा, विष्णुकुमार, प्रेमधन, राजश्री, वंदना देवी आदि का कहना है कि बिना उनकी सहमति लिए उनका कनेक्शन दूसरी एजेंसी को ट्रांसफर कर देना मनमानी है। अब उन्हें फिर से 20 किमी दूर गैस सिलेंडर लाने के लिए जाना पड़ेगा।
उपभोक्ताओं ने इस मामले की शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के भेजी है। ज्योति गैस एजेंसी के संचालक मंशाराम वर्मा ने भी डीएसओ से शिकायत दर्ज कराई है। इस संबंध मे जिली पूर्ति अधिकारी वीरेंद्र कुमार महान का कहना है कि बिना उपभोक्ता की सहमति लिए उसका कनेक्शन किसी अन्य एजेंसी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। इसकी जांच के लिए वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अफसरों को पत्र लिख रहे हैं। आपूर्ति में बाधा पहुंची तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।