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पंचायत में विकास के नाम पर 46 लाख डकारे

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गोंडा। पंचायतों में विकास कार्य के नाम पर स्वीकृत धनराशि हड़पने का खेल थम नहीं रहा। पंडरीकृपाल के दरियापुर हरदोपट्टी में डीएम के निर्देश पर हुई जांच में 46 लाख का खेल सामने आया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इस खेल में बिना कार्य कराए ही 46 लाख से अधिक की धनराशि का बंदरबांट हुआ है। यह गड़बड़ी पंचायत से जुड़ी विकास की छह परियोजनाओं में सामने आया है।
इस गड़बड़ी के घेरे में ब्लाक के अवर अभियंता के साथ ही पंचायत के सचिव, रोजगार सेवक समेत कई अधिकारी व कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से इन सभी को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर लिखित जवाब मांगा गया है।
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पंडरीकृपाल ब्लाक के दरियापुर हरदोपट्टी में भ्रष्टाचार की शिकायत गांव के लोगों ने 18 मार्च को जिलाधिकारी से की थी। डीएम के निर्देश पर जिला पशु चिकित्साधिकारी को इस मामले की जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी थी। जांच के दौरान छह आरोपों की पुष्टि हुई और करीब 46 लाख के भुगतान में गड़बड़ी भी पकड़ी गयी।
जांच में गांव की प्रधान ऊषा देवी को अनियमित तरीके से भुगतान करने के आरोप की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अवर अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बिना कार्य को देखे ही निर्माण कार्य की पुष्टि कर भुगतान पर सहमति देने और ग्राम पंचायत अधिकारी अनुपमा सिंह द्वारा भी परियोजनाओं के कार्य को मौके पर बिना देखे ही भुगतान आदेश जारी कर दिया गया।
पूरे मामले में रोजगार सेवक जय प्रकाश की फर्जी हाजिरी भरी। इस तरह पंचायत के विकास से जुड़े अधिकारियों ने मिलीभगत कर जो कार्य हुए ही नही थे, उनका भी भुगतान करा दिया। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने विकास कार्य में घपले की पुष्टि होने पर सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय करते हुए इसकी रिपोर्ट मांगी है।
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