गोंडा। भीषण गर्मी, नए बिजली कनेक्शन और एसी व इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते इस्तेमाल से देवीपाटन क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ता जा रहा है। एएमआईएसपी डैशबोर्ड पर मंडल के 434 वितरण ट्रांसफार्मर गंभीर रूप से ओवरलोड मिले हैं। सर्वाधिक 219 ट्रांसफार्मर गोंडा सर्किल के हैं।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने निदेशक (तकनीकी) को पत्र भेजकर अत्यंत आवश्यक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए मंजूरी मांगी है। इससे पहले 17 जून को भी सूची भेजी गई थी। इनमें से 27 ट्रांसफार्मरों को अब सूची से हटा दिया गया है। इनकी क्षमतावृद्धि बिजनेस प्लान 2026-27 में स्वीकृत हो चुकी है या लोड कम करने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं।
विभाग के मुताबिक, ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। बिना क्षमतावृद्धि के बदले गए ट्रांसफार्मर दोबारा फुंक रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के साथ ही विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
देवीपाटन जोन में करीब 49 हजार ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इनमें 8,448 ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगे हैं। विभागीय आकलन के मुताबिक, जोन में करीब दो हजार ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, जिनके कभी भी फुंकने की आशंका है। विभाग ने उपभोक्ताओं से जरूरत के हिसाब से बिजली का इस्तेमाल करने और अनावश्यक उपकरण न चलाने की अपील की है।
गोंडा में सर्वाधिक 219 ओवरलोड ट्रांसफार्मर
एएमआईएसपी डैशबोर्ड के अनुसार, गोंडा सर्किल में 219, बहराइच में 113 और बलरामपुर सर्किल में 102 ट्रांसफार्मर गंभीर रूप से ओवरलोड हैं। विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर इनकी क्षमतावृद्धि के लिए मुख्यालय से मंजूरी मांगी है।
21 घंटे गुल रही बिजली, उमस से बेहाल रहे ग्रामीण
तरबगंज। डुमरियाडीह फीडर में खराबी के कारण मंगलवार दोपहर तीन बजे से करीब 21 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। पूरी रात बिजली न मिलने से ग्रामीण उमस भरी गर्मी में परेशान रहे। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एसडीओ मुकेश कुमार ने बताया कि पहले 33 केवी लाइन में फाल्ट मिला, जिसे ठीक करा दिया गया। इसके बाद डुमरियाडीह फीडर की 11 केवी लाइन में खराबी मिली। बुधवार को फाल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी गई। (संवाद)