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करोड़ों का वेतन डकार 40 फर्जी शिक्षक फरार

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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों के सहारे 40 शिक्षकों ने नौकरी हथियाई और करोड़ों का वेतन डकार लिया। खुलासा हुआ तो काफी मशक्कत के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बावजूद न तो वेतन की रिकवरी हुई और न ही किसी की गिरफ्तारी हो सकी। पुलिस भी अभी मामले के तह तक नहीं जा सकी है। अनामिका शुक्ला मामले के खुलासे के बाद अब शासन ने फिर से शिक्षकों के अभिलेखों की जांच शुरू करवाई है।
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फर्जीवाड़े को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग इस समय सुर्खियों में है। जिले में वर्ष 2015 से अब तक करीब 40 शिक्षकों के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें चार शिक्षक वर्ष 1998 से ही सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे थे। इनमें दिनेश कुुमार शर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, नर्वदाचंद्र और कृष्णचंद्र 20 साल में करोड़ों रुपये वेतन ले चुके हैं। इसी तरह वर्ष 2010 में भी राम लल्लन ने फर्जी अभिलेख के सहारे शिक्षक की नौकरी हथिया ली। अन्य 35 शिक्षक ऐसे हैं जो विभिन्न शिक्षक भर्तियों वर्ष 2015 से अब तक नौकरी में आए और वेतन लिया। इन सभी के अभिलेखों का सत्यापन हुआ तो गड़बड़ी सामने आ गई और बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर 35 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मौजूदा समय में सभी फरार चल रहे हैं। इनके मामलों की जांच पुलिस कर रही है लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विभाग ने भी इनसे वेतन की रिकवरी नहीं की है।
दूसरों के अभिलेख पर कई सालों तक चलती रही नौकरी
वर्ष 1998 में बेसिक शिक्षा में एक सहायक अध्यापक दूसरे के अभिलेेख पर नौकरी हथियाई और प्रोन्नति का लाभ लेकर प्रधानाध्यापक तक बन गया। इसमें दिनेश कुुमार शर्मा, नर्वदा चंद्र, कृष्ण चंद्र, सहायक अध्यापक सुरेंद्र प्रसाद शामिल रहे और 20 सालों तक विभाग में नौकरी की। इसी तरह राम लल्लन वर्ष 2010 से तो पूजा कुमारी वर्ष 2016 से लंबे समय से नौकरी में रहीं। इनसे अभी कोई रिकवरी नही हो पाई।
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फर्जी अभिलेखों पर की नौकरी, लेकिन नहीं हो सकी पुलिस कार्रवाई
जिले में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने का सिलसिला कई सालों से जारी रहा। खुलासा होने पर बीएसए ने सेवा से तो बर्खास्त कर दिया लेकिन पुलिस के शिकंजे में कोई नहीं आ सका है। इसमें शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा के साथ ही श्रीराम यादव, राधेश्याम, अर्चना पांडे, राजू कुमार, उमा पटेल, राम विलास, चंद्रवीर सिंह, श्रीधर, चन्द्रकांत, दीपक वर्मा, चंदन यादव, संदीप कुमार वर्मा, सुबोध कुमार, मनोज कुमार, आशीष कुमार, सुक्रांत यादव, राघवेंद्र वर्मा, देवेश चंद्र वर्मा, शिव कुमार शर्मा, वैभव यादव, जितेंद्र साहू, रमेश कुमार यादव, अरविंद कुमार पाठक, राम लल्लन, चित्रवीर सिंह, वेदप्रकाश के विरुद्ध खंड शिक्षा अधिकारियों की तरफ से मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसके बावजूद मामलों की जांच और गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके अलावा शिक्षक नर्वादा चंद्र, सुनील सिंह, कृष्ण चंद, पूजा कुमारी, सुरेंद्र प्रसाद, सुशीला प्रजापति, निर्दोष कुमार यादव, राधेश्याम, उमेश कुमार दूबे, सीमा यादव, चित्रवीर सिंह, रीतू यादव, रुपारानी समेत कई शिक्षकों के मामलों में एफआईआर व गिरफ्तारी के आदेश हैं।
वित्त लेखा विभाग नहीं तैयार कर पा रहा रिकवरी का आगणन
बेसिक शिक्षा विभाग में 40 शिक्षकों को फर्जीवाड़े के चलते बर्खास्त किया जा चुका है। उनसे वेतन की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखा विभाग को दिए गये वेतन की रिपोर्ट देनी है। किस शिक्षक को अब तक कितना वेतन किस बैंक खाते में दिया गया है, इसकी रिपोर्ट विभाग को मिल ही नहीं पाई है। एक अनुमान के मुताबिक पांच करोड़ से अधिक की धनराशि फर्जी शिक्षकों को दी जा चुकी है।
एडेड स्कूलों की भर्ती की जांच के लिए दो बाबू एसआईटी से संबद्ध
जिले के 29 सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती में गोलमाल की जांच एसआईटी लखनऊ कर रही है। एसआईटी ने बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक सुधीर सिंह और वित्त एवं लेखा विभाग के बाबू अनुपम पांडे को लखनऊ से संबद्ध कर दिया है। ये बाबू अब एसआईटी की निगरानी में रहकर जांच कराएंगे। एसआईटी ने जिले के 29 स्कूलों के 61 लोगों को दो सप्ताह में बयान के लिए तलब किया है। इससे पहले दोनों बाबू वहां पहुंच जाएंगे। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने दोनों को एसआईटी से संबद्ध किए जाने का आदेश जारी कर दिया है।
सौ से अधिक कस्तूरबा स्कूलों के शिक्षकों के अभिलेखों की हुई जांच
अनामिका प्रकरण के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को बीएसए दफ्तर पंत नगर में 17 स्कूलों के करीब 100 शिक्षकों व कर्मियों की जांच की गई। बीएसए के निर्देश पर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुदीप पांडे व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रजनी श्रीवास्तव की देखरेख में विभाग के कर्मचारियों ने अभिलेखों का मिलान मूल अभिलेख से किया। जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव ने बताया कि इस बात की तस्दीक की जा रही है कि कहीं कोई दूसरे के अभिलेख पर नौकरी तो नही कर रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी अभिलेखों की जांच होगी।
लेखा विभाग से मांगा गया है वेतन का ब्यौरा
फर्जीवाड़ा करके नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। जिन शिक्षकों के विरुद्ध मुकदमे अभी नहीं दर्ज हैं, उसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं। रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखा से दिए गये वेतन का ब्यौरा मांगा गया है। इसके बाद रिकवरी का प्रयास होगा। -डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए
वर्जन
दोषियों पर होगी कार्रवाई
शिक्षक भर्ती से जुड़े मुकदमों की जानकारी की जाएगी कि क्या स्थिति है और अभी तक क्या कार्रवाई हुई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
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-राजकरन नैय्यर, पुलिस अधीक्षक
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