जिले के दो तहसीलों के 41 राजस्व गांवों की चकबंदी को चकबंदी निदेशालय से हरी झंडी मिल गई है, जिसके लिए चकबंदी विभाग ने तीन एसीओ (सहायक चकबंदी अधिकारी) सर्किल गठित कर ली हैं। दोनों तहसीलों से खसरा, खतौनी व पुराने बंदोबस्त के अभिलेख हासिल कर लिए गए हैं। पहली अप्रैल से चकबंदी कार्य शुरू कराने के लिए चकबंदी निदेशालय से आठ चकबंदीकर्ता कानूनगो व 10 लेखपालों की तैनाती होगी।
चकबंदी विभाग ने तरबगंज तहसील में चयनित गांवों का काम पूरा करने के बाद सदर तहसील के 21 गांवों का प्रस्ताव विभाग ने चकबंदी निदेशालय को भेजा था, जिसकी स्वीकृति दिसंबर में हुई।
इसके अलावा कर्नलगंज तहसील के पहाड़ापुर व ग्वारिच परगना के 18 राजस्व गांवों में चकबंदी कराने का आदेश मिल गया है। इसकी तैयारी में दोनों तहसीलों से इन गांवों की खतौनी, खसरा व पुराने बंदोबस्त विभाग में मंगा लिए गए हैं।
सदर तहसील के गोंडा परगना के राजस्व ग्राम धानेेपुर, मुजेहना, माधवगंज, विशंभरपुर, ख्वाजाजोत, खीरभारी, पहड़वा, त्रिलोकपुर, दत्तनगर माफी, जमुनही, लखनीपुर, सोहिली, तुर्काडीह, महेशभारी, रानीजोत, सिसउरअंदूपुर, टिकरिया, ढुढ़ाव, विशुनपुर वैरिया, पकड़ी, कैसवार, मलारी गांव शामिल हैं। यहां के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी गिरजेश कुमार सिंह व चकबंदीकर्ता राजबहादुर सिंह लगाए गए हैं।
कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के परगना पहाड़ापुर के राजस्व गांव राजपुर, चौरी, कमालपुर, उमरिया, कौड़हा जगदीशपुर, सुमेरपुर, सिकरी, पहाड़ापुर, और परगना ग्वारिच के ग्राम दुल्लापुर तरहर, राजापुर, हरदिहा, सपौर, कटैला, सुसंडा, पूूूरेलाली, चरसड़ी, परसपुर, दुरौनी, सकरौर गांवों में चकबंदी की जानी है।
यहां पर सहायक चकबंदी अधिकारी मायाराम यादव व दीनानाथ वर्मा चकबंदीकर्ता को लगाया गया है। चकबंदीकर्ता मोहम्मद असलम खां को चौरी क्षेत्र में लगाया गया है। सहायक चकबंदी अधिकारी प्रतापचंद को चौरी में लगाया गया है।
सदर तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव में सहायक चकबंदी अधिकारी गिरजेश सिंह व पांच गांव सहायक चकबंदी अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय तथा चार गांव पुराना गोंडा मेें सहायक चकबंदी अधिकारी को लगाया गया है।
गांव के लोगों को आवागमन के लिए चकरोड व खेतों की सिंचाई के लिए नाले बनाए जाते हैं। गरीब तबका के लिए आबादी सुरक्षित की जाती है। गांव में खेल मैदान, स्कूल व आंगनबाड़ी के लिए जमीन छोड़ी जाती है। कटौती से मिली जमीन को बंजर में दर्ज किया जाता है।
सबसे बड़ा फायदा किसानों को है, जिनकी बिखरी जमीन एक जगह कर दी जाती है। सबसे जरूरी कब्रिस्तान व श्मशान घाट के लिए चकबंदी में जमीन सुरक्षित कर ली जाती है। सफाई के लिहाज से घूर गड्ढा के लिए जमीन छोड़ी जाती है।