जिले के सभी नौ ब्लॉकों में लक्ष्य के अनुरूप मनरेगा मानव दिवस का सृजन न होने पर 38 रोजगार सेवकों की संविदा खत्म करने का फरमान सीडीओ ने जारी किया है। दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर गाज गिरी है। सीडीओ ने जिले के सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ को रोजगार सेवकों की संविदा समाप्त करने का निर्देश दिया है। डीएम को भी कार्रवाई से अवगत करा दिया है।
सीडीओ अखंड प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि रोजगार सेवकों की लापरवाही के चलते जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
दिसम्बर 2015 तक नौ माह में 23.64 लाख के सापेक्ष मात्र 10.22 लाख मानव दिवस का सृजन हो सका है, जो लक्ष्य का मात्र 42 प्रतिशत है।
रोजगार सेवकों की लापरवाही के चलते मनरेगा कार्य पटरी पर नहीं चल रहा है। तीन माह में 58 प्रतिशत मानव दिवस सृजन का लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है।
गत 27 दिसम्बर को शासन स्तर की समीक्षा के दौरान विकास कार्यों में जिले का 75वां स्थान है , जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्राम पंचायतों में तैनात किए गए रोजगार सेवकों ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है।
मनरेगा को सुचारू रुप से संचालित करने, मजदूरों को समय से रोजगार दिलाने, निरक्षर श्रमिकों को योजना की जानकारी देने में रोजगार सेवकों ने रुचि नहीं ली है, जिसके चलते मनरेगा योजना का कार्य प्रभावित हुआ है।
घोर लापरवाही के चलते जिले के सभी नौ ब्लाकों के 38 रोजगार सेवकों की संविदा समाप्त करने का निर्देश सभी ब्लॉकों के बीडीओ को दिया गया है।
सभी बीडीओ को संविदा समाप्त करने की कार्रवाई से भी तत्काल अवगत कराने का भी निर्देश दिया है। सदर ब्लॉक में पांच, हरैया सतघरवा, श्रीदत्तगंज व गैडास बुजुर्ग ब्लॉक में दो-दो, तुलसीपुर व गैसड़ी ब्लॉक में तीन-तीन, पचपेड़वा ब्लॉक में आठ, उतरौला ब्लॉक में छह और रेहरा बाजार ब्लॉक में सात रोजगार सेवकों की संविदा समाप्त करने का निर्देश संबंधित बीडीओ को दिया गया है।