गोंडा। कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को जिले के नौ केंद्रों पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) संपन्न हो गई। दोबारा हुई परीक्षा में पंजीकृत 4013 में से 3738 अभ्यर्थी शामिल हुए। 275 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक हुई। केंद्रों पर सुबह 11:30 बजे से अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इस दौरान हर अभ्यर्थी की तीन स्तरीय जांच की गई। पहले मेटल डिटेक्टर से स्क्रीनिंग, फिर शिक्षकों द्वारा फिजिकल जांच और अंत में बायोमीट्रिक सत्यापन व लाइव फोटो कैप्चर की प्रक्रिया पूरी कराई गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के साथ पहुंचे अभिभावकों और परिजनों के लिए पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई थी। परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष जताया।
बस के किराये में छूट से राहत, ई रिक्शा चालकों ने की मनमानी
नीट देने आए अभ्यर्थियों को परिवहन निगम की ओर से बसों के किराये में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई, जिससे उन्हें राहत मिली। अभ्यर्थी राहुल पटेल ने बताया कि रियायती किराये के कारण यात्रा आसान रही। हालांकि कुछ अभ्यर्थियों ने ई रिक्शा चालकों पर मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाया। अभ्यर्थी नैंसी के अनुसार रेलवे स्टेशन से एलबीएस चौराहे तक सामान्य दिनों में 10 रुपये लगते हैं, लेकिन परीक्षा के दिन ई रिक्शा चालकों ने 30 रुपये वसूले। परीक्षा के चलते रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और प्रमुख चौराहों पर दिनभर भीड़भाड़ बनी रही।
भौतिक और रसायन विज्ञान के सवालों ने किया परेशान
गोंडा। दोबारा नीट देने गए अभ्यर्थियों की कठिन सवालों ने खूब परीक्षा ली। इस बार भौतिक और रसायन विज्ञान के प्रश्नों ने उलझा दिया। केंद्रों से बाहर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र पिछले पेपर की तुलना में अधिक कठिन था। कई छात्रों ने कहा कि भौतिक और रसायन विज्ञान के सवालों को हल करने में अधिक समय लगा, जिससे अन्य प्रश्नों के लिए समय का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया।
शहर के शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र से बाहर निकली अंशिका पांडेय ने बताया कि भौतिक विज्ञान का पेपर पहले की अपेक्षा अधिक कठिन था। रसायन विज्ञान के पेपर का स्तर मध्यम रहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा लीक होने की घटना के बाद उनका मनोबल प्रभावित हुआ था, जिससे तैयारी पर असर पड़ा। मंतशा ने बताया कि री-एग्जाम में आए सवाल पिछली बार हुई परीक्षा से काफी कठिन थे। भौतिक और रसायन विज्ञान के प्रश्नों ने काफी समय लिया। श्रुति सिंह ने बताया कि दोनों विषयों के सवालों को हल करने में अधिक मेहनत करनी पड़ी। समृद्धि तिवारी ने बताया कि जीव विज्ञान का भाग अपेक्षाकृत सामान्य रहा, लेकिन अन्य विषयों के प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे।