गन्ना बीज उत्पादकों का सत्यापन करते जिला गन्ना अधिकारी सुनील सिंह व मौजूद अन्य। स्रोत: विभाग
गोंडा। गन्ना किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज गन्ना उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाया है। गन्ना विभाग की ओर से देवीपाटन मंडल में कराए गए सत्यापन में 371 बीज उत्पादक फेल हो गए हैं। अब इनके बीजों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। यदि इसके बाद भी बीजों की आपूर्ति करेंगे तो बीज एक्ट 1966 के तहत इन पर कार्रवाई की जाएगी।
देवीपाटन मंडल में 586 बीज उत्पादक किसानों को गन्ना बीजों की आपूर्ति करते थे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागीय अफसरों ने उत्पादकों का सत्यापन किया। इसमें पता चला कि 371 उत्पादक बिना पंजीकरण कराए ही ये उत्पादक बीजों की लगातार बिक्री कर रहे थे। इसका खामियाजा किसानों को भुगताना पड़ता था। सत्यापन कराने के बाद 215 उत्पादक सूचीबद्ध किए गए हैं। किसान इनसे बीज ले सकते हैं। मंडल में बीज गन्ना उत्पादन और विक्रय करने वाले सभी किसानों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रमाणिक बीज गन्ना उत्पादन, संवर्धन और वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
अफसरों का मानना है कि इससे नकली और घटिया बीज गन्ने पर रोक लगेगी और किसानों को बेहतर उत्पादन का लाभ मिलेगा। यह निर्णय किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे प्रभावित होने वाले उत्पादकों के लिए यह एक चुनौती भी है। बीज उत्पादन और वितरण में गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में आने वाले बीज निर्धारित मानकों को पूरा करते हों, जिससे किसानों को बेहतर उपज प्राप्त हो सके और फसल की गुणवत्ता बनी रहे। पंजीकरण प्रक्रिया में बीज की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और वितरण प्रणाली की जांच शामिल है।
परीक्षण करके बीज लें किसान
सरकार का उद्देश्य बीज आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ कर किसानों को विश्वसनीय बीज उपलब्ध कराना है। पंजीकरण की अनिवार्यता इसी दिशा में एक कदम है। किसानों को परीक्षण करके बीज लेना चाहिए। दूसरी प्रजापति का बीज लेने पर बेचने के समय समस्या आ सकती है। किसान गन्ना विकास निरीक्षकों से संपर्क करके अधिक जानकारी ले सकते हैं।
- सुनील सिंह, जिला गन्ना अधिकारी