जिले के 361 वित्त विहीन इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को मानदेय मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रदेश भर के वित्त विहीन कॉलेजों की सूची जारी कर दी गई है।
यह जानकारी देते हुए वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव उमेश सिंह ने बताया कि प्रदेश की सपा सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इंटर तक बिना अनुदान के पढ़ाने वाले शिक्षकों को मानदेय देने की घोषणा की थी। मानदेय के लिए शिक्षक संगठन काफी दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उमेश सिंह ने बताया कि जिले के करीब आठ हजार वित्त विहीन शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा।
बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर समस्त शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों की सूची देखी जा सकती है। जिले में इस समय 35 अनुदानित कॉलेजों में करीब 200 अंशकालिक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि वित्त विहीन के 326 विद्यालयों में 6520 शिक्षक व करीब 1500 शिक्षणेतर कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनकी सीडी, हार्ड कॉपी व सॉफ्ट कॉपी जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से शासन को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक उक्त कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल सका है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में दो सौ करोड़ रुपये मानदेय के लिए आवंटित किए गए हैं। लेकिन शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों की सेवा नियमावली न बनने के कारण मानदेय जारी नहीं हो सका। शिक्षक महासभा के पदाधिकारी व शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी ने शासन को पत्र लिखकर मानदेय व सेवा नियमावली जारी करने की मांग की।
इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया तथा तीन माह के भीतर शासन को आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। शासन ने अब विद्यालयों की सूची को ऑनलाइन कर दिया है। दयानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि वेबसाइट पर अपने कॉलेज का नाम देखकर विश्वास हो गया है कि अब मानदेय मिल जाएगा।