गोंडा। सड़कों को चमकाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी आम लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। तमाम दावों के बाद भी सड़कों को सुरक्षित व गड्ढामुक्त बनाने का कार्य परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
इसके चलते ही पांच साल पहले 36 करोड़ की लागत से बनी टू लेन की सड़क देखभाल न होने के कारण पूरी तरह बदहाल हो गयी है। गोंडा मुख्यालय से बहराइच जिले को जोड़ने वाली इस सड़क पर जगह जगह जानलेवा गड्ढे बन गए हैं।
इस पर पैचिंग भी हुई लेकिन भारी वाहनों के दबाव से सड़क फिर उधड़ गयी। वहीं दूसरी तरफ गोंडा से राजधानी लखनऊ को जोड़ने वाली गोंडा-जरवल फोर लेन सड़क में एक किलोमीटर तक दो लेन की सड़क बनाए बिना ही जिम्मेदार ने इसका निर्माण कार्य पूरा दिखाकर भुगतान भी प्राप्त कर लिया।
नाबार्ड योजना से वित्त पोषित गोंडा-कटरा बाजार मार्ग का निर्माण 2015-16 में किया गया। टू लेन की बनी सड़क पांच साल में ही बद से बदहाल हो गयी। पिछले एक साल से इस सड़क की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद बहराइच को जोड़ने वाली इस सड़क की बदहाली से यात्री परेशान हैं।
18 किलोमीटर इलाके में टूट फूट के कारण सड़क सिकुड़ गई है और कई जगह जानलेवा गड्ढे भी बन गए हैं। गोंडा से बहराइच मार्ग पर मिश्रौलिया क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज के निर्माण से पहले रूट डायवर्जन ना बनाने से बड़े वाहनों को कटरा मार्ग से भेजा जा रहा है।
इससे बहराइच सहित अन्य जिलो के लिए आवागमन तो आसान हो गया, लेकिन इसका खामियाजा कटरा विधानसभा के क्षेत्र के लाखों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गोंडा-बहराइच रोड के डायवर्जन से प्रतिदिन हजारों वाहनों का गुजरना इस मार्ग को भारी पड़ा। इससे 18.950 किलोमीटर की दूरी तय करने में कटरा व गोंडा के लोगों को घंटों लग रहे हैं।
गोंडा-जरवल रोड फोर लेन मार्ग का कार्य कागजों पर पूरा हो गया है। वर्ष 2016 में शुरू हुई सड़क तो पूरी हो गई, लेकिन इसे अधूरा छोड़ दिया गया। कई जगह तो अभी से सड़क में दरारे पड़ने और सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आ चुकी है।
483 करोड़ से बनकर तैयार हुई इस सड़क के निर्माण में भी जमकर खेल हुआ। बड़गांव पुलिस चौकी से रेलवे ओवर ब्रिज तक नूरामल मंदिर के आगे से सड़क के दोनों छोर पर एक-एक लेन का निर्माण कराए बिना ही कार्यदायी संस्था ने इस मार्ग को पूरा दिखाकर भुगतान भी प्राप्त कर लिया।