फोटो-20 गोंडा के गुरुनानक चौराहे पर स्थित एक पेट्रोलपंप&nbs
गोंडा। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत लगातार बनी हुई है। सहालग और खेती-किसानी के बढ़ते कार्यों के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे रोजाना खपत करीब 4.70 लाख लीटर तक पहुंच गई है। वहीं, लखनऊ रूट पर डायवर्जन के कारण इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर टैंकरों की आपूर्ति तीसरे दिन हो पा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है, जहां 35 पेट्रोल पंपों की आपूर्ति प्रभावित है, जिसमें कई पंपों पर पूरी तरह तेल खत्म हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर केवल पेट्रोल ही उपलब्ध है।
शहर में भी हालात राहत देने वाले नहीं हैं। गुरुनानक चौराहा, अयोध्या सड़क और बलरामपुर सड़क स्थित जयनगरा के पास पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह से ही लोग तेल भरवाने के लिए इंतजार करते नजर आए। किसान कुंडली प्रसाद ने बताया कि बेटी की शादी के लिए जनरेटर के लिए डीजल लेने आए थे, लेकिन लंबी लाइन के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इटियाथोक के चार प्रमुख पेट्रोल पंपों पर शनिवार को डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। सुबह से ही किसान और वाहन चालक पंपों पर डटे रहे, लेकिन अधिकांश लोगों को बिना तेल लिए ही वापस लौटना पड़ा। लगातार तीसरे दिन डीजल न मिलने से किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसान राम बहाल पांडेय, सीता, गुलाब राय ने बताया कि डीजल की कमी के चलते गेहूं की मड़ाई प्रभावित हो रही है। डीजल की अनुपलब्धता का असर केवल कृषि कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन व्यवस्था भी इससे प्रभावित हो रही है।
कुल पेट्रोल पंप- 213
शुक्रवार को डीजल की बिक्री- 299000 लीटर
शुक्रवार को पेट्रोल की बिक्री- 181000 लीटर
शनिवार तक डीजल स्टॉक- 50100 लीटर
शनिवार तक पेट्रोल स्टॉक- 509000 लीटर
पेट्रोलियम पदार्थों की कमी नहीं, बस देरी से हो रही समस्या
डीएसओ कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति लगातार हो रही है, लेकिन लखनऊ से टैंकर आने में समय लग जा रहा है। वहीं डिमांड भी बढ़ गई है, जिससे समस्या हो रही है। जल्द ही हालात सामान्य होने की संभावना है।
फोटो-20 गोंडा के गुरुनानक चौराहे पर स्थित एक पेट्रोलपंप&nbs