तीन हजार स्कूलों की हकीकत परखेगी 60 विशेषज्ञों की टीम
गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों के तीन लाख नौनिहालों को कैसी शिक्षा दी गई हैं। हिंदी, गणित व विज्ञान का कितना ज्ञान कराया गया है।
इसके अलावा स्कूलों के डाटा फीडिंग की क्या स्थिति है के साथ ही वहां संचालित हो रही योजनाओं की हकीकत परखने के लिए विभाग ने नई व्यवस्था बनाई है। इसके लिए 60 विषय विशेषज्ञों की एक टीम तैयार किया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने इसके लिए विषय विशेषज्ञों की खोज शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि आस्ट्रेलियन काउंसिल फार एजूकेशन रिसर्च व यूनिसेफ के साथ मिलकर विभाग व राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद ने मिलकर संयुक्त रुप से बच्चों के अधिगत स्तर की जानकारी करने की कार्य योजना बनाई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के तीन हजार परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक विकास व बच्चों के ठहराव के लिए हर साल करीब 25 करोड़ की योजनाएं संचालित हो रही हैं।
इसके बाद भी स्थिति को लेकर सवाल उठते हैं। हाल ही में स्कूलों में शैक्षिक सुधार के कार्यक्रम शुरू किए गए। इसके बाद आए सुधार के स्थिति की रिपोर्ट शासन ने मांगी है।
60 सदस्यीय टीम गठित करने की कार्रवाई शुरू कर दिया गया है। शिक्षकों के साथ ही डायट प्रवक्ताओं की टीम बनाई जा रही है। इससे स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की भी रिपोर्ट तैयार होगी।
विशेषज्ञों की टीम में हिंदी के 25, गणित के 25 व 10 डाटा एनालिस्ट को सूचीबद्ध किया जाना है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों के 20 शिक्षकों के साथ ही हिन्दी के 10 व गणित के 10 शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शामिल किए जाएंगे।
इसके साथ ही 10 डायट के प्रवक्ता और 10 कंप्यूटर के जानकार शिक्षकों व डाटा एनालिस्ट का चयन किया जाना है। इसके लिए बीएसए ने 24 अप्रैल तक आवेदन मांगे हैं। विषय विशेषज्ञों का चयन जिले स्तर की कमेटी करेगी। बीएसए ने बताया चयन के बारे स्कूलों के अनुश्रवण के बारे में प्रशिक्षण राज्य स्तर पर होगा।
विषय विशेषज्ञों के चयन में पांच साल के शिक्षण कार्य का अनुभव रखने का चयन होना है। बीएसए ने बताया कि हिंदी व गणित विषय में पांच साल के शिक्षण का अनुभव उच्च प्राथमिक स्तर में होना चाहिए।
इसके अलावा शैक्षिक क्रियाकलापों में बेहतर रुचि हो, राज्य या जनपद स्तर पर हिंदी व गणित विषय के प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रुप में प्रशिक्षित हो। प्रतिभागी शिक्षक के स्कूल में 100 छात्रों का नामांकन आवश्यक है। डाटा एनालिस्ट के लिए योग्य व्यक्ति का चयन तय किया गया है।
स्कूलों में शैक्षिक विकास के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इससे काफी सुधार भी हुए हैं। अब विषय विशेषज्ञों की टीम प्रशिक्षण के बाद रिसर्च करेगी।
इसमें हिंदी व गणित को बच्चे कितना सीख रहे हैं और क्या कमी रह गई है। इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। स्कूलों में अधिगम (सीखना) की स्थिति कैसी आदि की रिपोर्ट तैयार करनी है। राज्य स्तर पर इसका परीक्षण होगा। इसके बाद शैक्षिक सुधार के लिए आगे कार्य होंगे।