गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में अब वार्षिक व अर्धवार्षिक परीक्षा के अलावा एक और परीक्षा होगी। बच्चों के लर्निंग आउटकम की परीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे 3140 परिषदीय स्कूलों के साथ ही 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। इससे बच्चों में पढ़ने-लिखने की क्षमता के साथ ही उनके भीतर गुणवत्ता की जांच की होगी। परीक्षा 8 नवंबर को आयोजित होगी। इसकी तैयारी के लिए सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि ब्लॉक स्तर से तैयारी की जा रही है।
बेसिक शिक्षा के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों में पढ़ने-लिखने की क्षमता के विकास के लिए अभियान चलाया गया था। शिक्षकों ने पढ़ाई के समय में ही बच्चों को नए तरीके पढ़ाई कराई। इससे बड़े परिवर्तन भी सामने आए। बीते दिनों राज्यपाल के निरीक्षण में भी बच्चों की शैक्षिक स्थिति बेहतर मिली। रानीपुरवा मॉडल प्राइमरी स्कूल में चार अंकों को गुणा कक्षा पांच की छात्रा ने हल कर दिया। इसके अलावा अन्य बच्चों ने भी बेहतर प्रस्तुति दी।
माना जा रहा है कि शिक्षकों के प्रयास से स्कूली शिक्षा में बड़े परिवर्तन आए हैं। अब विभाग इस स्थिति की पड़ताल कराएगा। हर स्कूल के प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षकों की टीम परीक्षा कराएगी। परीक्षा में एक लाख से अधिक बच्चे प्रतिभाग करेंगे। कक्षा-5 से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चों की परीक्षा होगी। इसके बाद कमजोर बच्चों को चिह्नित करके उन्हे और बेहतर करने का प्रयास होगा। यह परीक्षा अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा से भिन्न होगी। इसके अलावा 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों की 1700 बेटियों को भी परीक्षा में शामिल किया गया है।
लर्निंग आउटकम परीक्षा कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। -मनिराम सिंह, बीएसए गोंडा