गोंडा। रूटीन ओवरहॉलिन डिपो गोंडा पूर्वोत्तर रेलवे का पहला आरओएच डिपो हो जाएगा। इस डिपो के लिए अभी हाल में पेश किए गए बजट में तीन करोड़ 88 लाख रुपया आवंटन किया गया है। जिससे इस डिपो का और विकास किया जाएगा। डिपो पूर्ण रूप से बन जाने से गोंडा रेलवे में कर्मचारियों की संख्या में काफी इजाफा होगा।
बता दें अभी हाल में 1 फरवरी को देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किए गए बजट में रेलवे को दिए गए बजट में गोंडा रेलवे के रूटीन ओवरहालिंग डिपो व आरओएच के लिए 3 करोड़ 88 लाख रुपये का आवंटन किया है। रेलवे इस रकम से आरओएच डिपो आधुनिक संसाधनों से युक्त होकर बनाया जाएगा। जिससे यहां माल गाड़ियों के डिब्बों की रूटीन ओवरहालिंग व मरम्मत किया जाएगा।
मालगाड़ियों के डिब्बे की मरम्मत के कार्य से गोंडा रेलवे का पूर्वोत्तर रेलवे में एक अलग पहचान हो जाएगी। इस डिपो के बन जाने से पूर्वोत्तर रेलवे में पहला आरओएच डिपो होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों डिवीजन के रेलवे स्टेशन से मालगाड़ियों के डिब्बे की मरम्मत के लिए गोंडा ही भेजा जाएगा। इस डिपो के बनने से रेलवे यार्ड गोंडा में कर्मचारियों की संख्या में इजाफा होगा। जिससे गोंडा रेलवे यार्ड का एक अलग स्वरूप हो जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक डॉ. मोनिका अग्निहोत्रीने ने बताया कि बजट की रकम मिलते ही इस डिपो को आधुनिक संसाधनों से युक्त बनाया जाएगा। जिसमें किसी तरह से कोई कमी न रह जाए।
आरओएच डिपो बनने से अभी तक माल गाड़ियों के डिब्बे को रूटीन ओवरहालिंग के लिए अंबाला व मुरादाबाद भेजा जाता था। अब इससे छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही अब डिब्बों की मरम्मत का कार्य गोंडा में ही होगा। इस डिपो में प्रतिदिन मालगाड़ी का एक डिब्बा और महीने में 30 डिब्बों की मरम्मत होने का लक्ष्य दिया गया है।