बाढ़ प्रभावित साकीपुर में नाव से जाते लोग। - संवाद
विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। डिस्चार्ज बढ़ने के कारण एक-दो दिन में पानी और बढ़ने की आशंका है। उफनाई नदी का पानी करनैलगंज व नवाबगंज के 25 गांवों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। पानी कम होने पर प्रशासन ने नावें वापस ले ली थीं, लेकिन अब दोबारा प्रभावित गांवों में नावें भेजी जा रही हैं।
नदी में पानी बढ़ने से माझा क्षेत्र के लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। माझा क्षेत्र में बढ़े जलस्तर के चलते लोग एक बार फिर पलायन के साथ ही मवेशियों के चारे की व्यवस्था में लगे हुए हैं। ब्योंदा माझा में 15, साकीपुर में तीन व दत्तनगर में सात नावें भेजी गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से ब्योंदा माझा के सभी 15 मजरों में पानी भरने लगा है। मजरों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। ब्योंदा बाजार से माझा जाने वाली सड़क पर पानी भरने से नाव व स्टीमर से लोग आवागमन कर रहे हैं।
धान, गन्ना व हरे चारे की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। पहले से भरे पानी के चलते हरे चारे की फसलें कुछ गल गई हैं, कुछ सूख रही हैं। चारों तरफ से घिर चुके मजरों में मवेशियों के लिए लोग नाव से भूसा व हरा चारा लेकर जा रहे हैं। ब्योंदा माझा के जयराम यादव ने बताया कि नाव मिल गई है, लेकिन नाविक नहीं मिला। इससे परेशानी हो रही है। गांव के अनभिज्ञ लोग खुद किसी तरह से नाव चला रहे हैं।
करनैलगंज तहसील के 10 गांव बाढ़ की चपेट में फिर से आ गए हैं। गांवों में लगातार पानी भर रहा है। ग्राम नकहरा के छंगू लाल पुरवा व विशंभर पुरवा में पानी भर गया है। ग्राम चंदापुर किटौली के नउवन पुरवा, खोदरियन पुरवा, मुखियन पुरवा, धुसवा, कुम्हारन पुरवा, विचला और पसका के गोडियनपुरवा व पासिनपुरवा में भी पानी भर गया है।
एसडीएम जितेंद्र गौतम का कहना है कि कुछ गांवों तक पानी पहुंचने की सूचना पर राजस्व टीम मौके पर भेजी गई है। लगातार निगरानी कराई जा रही है।