सोमवार की तड़के करीब 3 बजे से समस्या अधिक हुई। इसके बाद सुबह लोगों ने सीएचसी, बेलसर में सूचना दी। सूचना पर सीएचसी अधीक्षक टीम के साथ गांव पहुंचे। यहां उन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टर सौरभ तिवारी सहित पूरी टीम उपचार में लगी है। बेलसर सीएचसी पर 22 मरीज तो तरबगंज सीएचसी पर 14 मरीज भर्ती कराए गए हैं।
इनको भर्ती कर चल रहा उपचार
बेलसर सीएचसी पर शिवम (20), मोहित (15), अंकित(16), रंजीत(12), सुनील (22), बलिराम (13), करन (14), अर्जुन (11), विशाल (22), दिनेश (25), धर्मेश (13), शनि (22), ननकू (50), काजल (20), रामू (52), उर्मिला(35), खुशबू (18), पार्वती (16), प्रेमा (40), संगीता (25), प्रमिला (40) व बिट्टन (28) को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। बेलसर के सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने बताया कि मरीजों की हालत में सुधार है। खाद्य पदार्थों के जांच के लिए खाद्य निरीक्षक को सूचना दी गई है। वहीं बेलसर सीएचसी पर बेड फुल हो जाने के कारण बीमारों को तरबगंज सीएचसी पर भेजवाया गया। जिनमें राम सजीवन (45), रामदीन (55), राज (12), आंचल (12), रवि (19), जोथू (58), रोशनी (14), सोनाली (08), पूजा (19), करुणा (13), कुसुमा (35), रोहित (19), प्रिंस (10), मन्नत (12) भर्ती हैं। डॉ. आकाशदीप गुप्ता ने बताया कि विषाक्त खाद्य पदार्थ खाने से लोग बीमार हो गये थे। इलाज के बाद हालत में सुधार है।
फूल पॉइजनिंग की जताई आशंका
बेलसर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर ने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य के यहां आयोजित जन्मदिवस समारोह में पूड़ी-सब्जी, दाल-चावल व छोला की सब्जी तथा दही बड़ा बना था। वहीं अधिकांश बीमारों ने जन्मदिन का केक भी खाया था। इससे संभावना जताई जा रही है कि खाने में कोई दिक्कत थी। जिन्होंने खाना खाया था, सिर्फ वही लोग बीमार हुए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खाने का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
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