वजीरगंज (गोंडा)। सरकार एक तरफ पर्यावरण संरक्षण के तहत पौध रोपण का अभियान चला रही है। वहीं वन विभाग खुलेआम हरियाली पर आरा चलवा कर सरकारी मंशा को ध्वस्त करने पर तुला है। क्षेत्र के ग्राम पंचायत खीरीडीह के गौरा में वन विभाग की शह पर लकड़ी के अवैध ठेकेदारों ने वन विभाग की मिलीभगत से 200 हरे सागौन के पेड़ों को काट डाला। इसकी शिकायत वन विभाग से की गयी तो स्थानीय वन विभाग कर्मी और ठेकेदार ने आननफानन वहां से लकड़ियों को गायब कर दिया।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मौके पर बचे कुछ सागौन के बोटों को दिखाते हुए पेड़ कटाने वाले ठेकेदार और पेड़ मालिक के विरुद्ध कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की। खीरीडीह निवासी पिर्री गुप्ता ने निजी खेत में सागौन का 500 पेड़ का बाग लगा रखा था। सागौन प्रतिबंधित पेड़ है। जिसे वन विभाग से अनुमति लेने के बाद काटा जा सकता है किंतु बिना कोई औपचारिकता पूरी किये स्थानीय वन कर्मियों से मिलीभगत कर 200 पेड़ काट डाले गये।
स्थानीय लोगों की शिकायत पर पहले स्थानीय वन कर्मी कार्रवाई करने के लिए टालमटोल करते रहे व मौके से लकड़ियों को गायब करा दिया। कुछ सागौन के बोटों को दिखाते हुए ठेकेदार व बाग मालिक के विरुद्ध कार्रवाई की औपचारिकता की गयी। वन क्षेत्राधिकारी टिकरी रेंज संतोष मिश्र ने बताया कि सागौन के पेड़ों को काटने की शिकायत मिली थी। वन दरोगा को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। मैं खुद मौके पर जाकर उचित कार्रवाई करुंगा।