जिले में शुक्रवार को आई तेजी आंधी और उसके बाद हुई बरसात से बिजली व्यवस्था एक बार फिर से चरमरा गई है। आंधी के बाद से जिले में पावर कॉरपोरेशन के 18 बिजलीघर भी बंद हो गए हैं। जिससे शहरी व ग्रामीण इलाकों में रहने वाली करीब 20 लाख आबादी को बिजली नहीं मिल पा रही। जिले के पांच उपखंड क्षेत्रों में आंधी से दर्जनों खंभों की लाइन टूट गई है। वहीं, एक्सईएन राधेश्याम भाष्कर व तीरथराम श्रीवास्तव का कहना है कि आंधी से आए फाल्ट को ठीक करने के लिए जेई व बिजलीकर्मियों की टीम लगातार पेट्रोलिंग के काम में लगी है।
शुक्रवार की दोपहर सवा एक से पौने दो बजे के बीच करीब आंधे घंटे के भीतर जिले के कई इलाकों में तेज आंधी आने से तमाम पेड़ धराशाई हो गए। जिसके साथ ही बिजली के कई खंभों की लाइन भी टूटकर जमीन पर आ गिरी।
मनकापुर के रामापुर गांव में आई तेज आंधी से डबल पोल पर रखा ट्रांसफार्मर खंभों को तोड़ते हुए हवा से दूर जा गिरा। जबकि, इसी तरह कटराबाजार में दो जगहों तो गोंडा से करनैलगंज जाने वाली 33 केवी की हाईटेंशन लाइन एक जगह से टूट गई। जिससे अकेले करनैलगंज इलाके में पावर कॉरपोरेशन के 6 बिजलीघर परसपुर, करनलैगंज, करनैलगंज तहसील, भंभुवा, कटराबाजार और बालपुर की सप्लाई बंद चल रही है।
वहीं, उपखंड क्षेत्र तृतीय में पड़ने वाले सुभागपुर, आर्यनगर की बिजली भी 33 केवी लाइन के टूट जाने से बाधित चल रही है। जबकि नवाबगंज, बेलसर, तरबगंज, खोरहंसा, डुमरियाडीह बिजलीघरों की सप्लाई भी लाइन फाल्ट आने से बंद है। वहीं मनकापुर में भी दर्जनों जगहों पर पेड़ों के गिरने से मनकापुर, घारीघाट और मसकनवा बिजलीघरों की सप्लाई भी बाधित हो गई है।
गोंडा शहर में पडने वाले झंझरी, सिविललाइन और आवास विकास के साथ ही बडग़ांव एरिया की भी सप्लाई कुछ जगहों पर लाइन फाल्ट के कारण बंद चल रही है। बिजली उपखंड अधिकारी संदीप तिवारी, वीके सिंह, एसके साहू, दिव्यरंजन और हर्ष कुमार रस्तोगी का कहना है कि इलाकाई जेई व बिजलीकर्मियों की टीम फाल्ट ठीक करने में लगी है। उम्मीद है कि रात तक कई बंद पड़े इलाकों की बिजली फाल्ट ठीक करके बहाल करा दी जाएगी।