रेहरा बाजार ब्लाक के ग्राम पंचायत परसिया पतकरपुर में मनरेगा योजना में 2.60 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। डीसी मनरेगा के जांच में घोटाले की पुष्टि हुई है। डीसी मनरेगा ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
रेहरा बाजार ब्लॉक के ग्रामीण राधेश्याम श्रीवास्तव ने तहसील दिवस में मनरेगा योजना से कराए गए कार्यो में घोटाले की जांच कराने की मांग डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर डीसी मनरेगा बाल गोविंद शुक्ला ने गांव में पहुंचकर मनरेगा योजना से कराए गए कार्यो का भौतिक सत्यापन किया।
भौतिक सत्यापन में वर्ष 2012-13 में मनरेगा के तहत कराए गए 13 बोरिंग में से सात ऐसे लाभार्थियों के नाम प्रकाश में आए जो ग्राम सभा के निवासी ही नहीं है। बोरिंग कार्ड के मनरेगा मस्टर रोल में दर्ज हाजिरी महेश्वरी प्रसाद की है जो बस्ती जिला के परशुरामपुर ब्लाक में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात है।
मनरेगा मस्टर रोल में लगे राजेश्वरी व महेश्वरी रोजगार सेवक के भाई है। ग्रामीण भोला के घर से बृजलाल के घर तक खडंजा गायब है। खडंजा निर्माण के लिए वर्ष 2012-13 में ईंट-भट्ठा का भुगतान 83 हजार 630 रुपये किया गया है। बिना काम कराए ही मिट्टी पटाई में भी हजारों रुपये का भुगतान हुआ है।