जिले में 1817 असलहों के लाइसेंस जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित कर दिए हैं। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के यूआईएन (यूनिक आईडेंटीफिकेशन नंबर) न लेने वाले असलहाधारियों के शस्त्र तत्काल जमा कराएं।
इन लोगों को अब अपना असलहा वापस पाने के लिए नए सिरे से लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 10 जून को जिलाधिकारी जमा कराए गए असलहों की समीक्षा बैठक में जानकारी लेंगी।
रविवार को एडीएम शिवपूजन ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद भी 31 मार्च 2016 तक जिले के कुल 1817 असलहाधारियों ने अपने लाइसेंस का यूनिक आईडेंटीफिकेशन नंबर नहीं लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन के निर्देश पर डीएम ने सभी 1817 असलहों के लाइसेंस अवैध घोषित कर दिए हैं।
रविवार को ही रिजर्व पुलिस लाइंस में हुई कानून व्यवस्था की बैठक में एडीएम तथा प्रभारी डीएम सीडीओ रवीश गुप्ता ने सभी थानाध्यक्षों को अवैध असलहा लाइसेंसधारियों की सूची सौंपकर यह निर्देश दिया कि यह सभी अवैध असलहे तत्काल प्रभाव से संबंधित थानों में जमा करा लिए जाएं।
एडीएम ने यह भी बताया कि इन असलहों को फिर से प्राप्त करने के लिए असलहाधारियों को नए सिरे से शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। दोबारा लाइसेंस बनने तथा यूआईएन आवंटित होने के बाद ही जमा कराए गए असलहे संबंधित मालिक को वापस किए जाएंगे।