डीआईओएस ने रोका 10 कॉलेजों का वेतन
गोंडा। जिले में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में जिला विद्यालय निरीक्षक रहे राम खेलावन वर्मा को इसी मामले में शासन ने निलंबित कर दिया था।
पूर्व डीआईओएस ने करीब 41 शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी तरीके से की थी। इस मामले की जांच चल रही। लेकिन फर्जी शिक्षकों की जांच के कारण डीआईओएस ने दस सहायता प्राप्त इंटर कॉलेेजों के सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री विनय कुमार शुक्ल ने आयुक्त को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि डीआईओएस कार्यालय में फर्जी नियुक्ति में दो कर्मचारियों की महती भूमिका है।
कन्हैया लाल इंटर कालेज में लिपिक पद पर तैनात सुनील कुमार पिछले दस वर्षों से डीआईओएस कार्यालय में संबद्घ है जो नियम विरुद्घ है। साथ ही प्रधान सहायक अरुण पाठक पिछले कई साल से एक ही पटल तथा एक ही कार्यालय में संबद्घ हैं।
डीआईओएस सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि संबद्घ कर्मचारियों की संबद्घता समाप्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के मामले की जांच की जा रही है। इसलिए 10 विद्यालय का वेतन रोका गया है।