गोंडा। देवीपाटन मंडल के 15 प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास पर करीब 18.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शुक्रवार को महाराजा सुहेलदेव सभागार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्धारित समय में सभी परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलनी चाहिए। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर नियमित निगरानी की जाए। बैठक में गोंडा जिले में मां नंदा देवी मंदिर (फिरोजपुर), जम्बूद्वीप रामजानकी मंदिर (नरायनपुर साल), अद्वैत स्वरूप आश्रम (सिंहाचंदा), रामजानकी मंदिर (श्री सैनिक आश्रम), भगवान कपिल मुनि मंदिर (महंगूपुर), कबीरधाम (बड़हरा) तथा जयप्रभा ग्राम स्थित भक्तिधाम एवं चारधाम मंदिर के विकास कार्यों पर मंथन हुआ। इसके अलावा बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती के प्रमुख मंदिरों, आश्रमों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी योजना में शामिल किया गया है।
छपिया धाम परियोजना की भी समीक्षा की
बैठक में 22.18 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही स्वामीनारायण छपिया धाम परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, आकर्षक फसाड लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी परियोजनाएं नवंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएं, जबकि 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को छह माह के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, विधायक मनकापुर रमापति शास्त्री, कटरा बाजार बावन सिंह, करनैलगंज अजय सिंह, गौरा प्रभात वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष बलरामपुर आरती तिवारी सहित जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ये निर्णय भी लिए गए
परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सुलभ शौचालय, बैठने की व्यवस्था, साइनेज, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली और लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी।
संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सुंदरीकरण एवं पुनर्विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। करीब 3.39 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे महाराज परमहंस बरियाडीह रामलीला मैदान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने गोंडा के गोकरननाथ शिवाला, बहराइच के शिव बागेश्वरनाथ मंदिर तथा श्रावस्ती के पांडवकालीन मुंडा शिवाला सहित चार धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए।
फैक्ट फाइल
प्रस्तावित परियोजनाएं (लागत लाख रुपये में)
जिला
पर्यटन स्थल
लागत (लाख रुपये)
गोंडा
7
905
बलरामपुर
2
260
बहराइच
4
470
श्रावस्ती 2
180
(स्रोत : सूचना विभाग)