अंतिम संस्कार में अयोध्या गए दो युवक सरयू में डूबे
नवाबगंज (गोंडा)। अपनी बहन की सास के अंतिम संस्कार में शनिवार को अयोध्या गए नवाबगंज के मोहल्ला पड़ाव निवासी दो युवक नहाते समय सरयू नदी में डूब गए।
यह खबर जैसे ही उनके घर पहुंची कि पूरे पड़ाव मोहल्ले में मातम छा गया। रो-रो कर परिवारीजनों का बुरा हाल है। जबकि देरशाम समाचार भेजे जाने तक दोनों युवकों का शव नदी से बरामद नहीं हो पाया था। हालांकि पुलिस के साथ गोताखोरों की टीम शव को खोजने में जुटी हुई है।
नवाबगंज के मोहल्ला पड़ाव में रहने वाले अयोध्या भारती की एक बेटी, जिसका नाम कुंवारी है, की शादी क्षेत्र के ही एक खड़ौवा गांव में हुई है। जिनकी सास गंगाजली का शुक्रवार को निधन हो गया था।
शनिवार को अंतिम संस्कार के लिए परिवार के लोग खड़ोवा गांव से अयोध्या गए हुए थे। जहां अयोध्या प्रसाद का पुत्र अनिल (38) व उसी मोहल्ले में रहने वाला श्याम उर्फ ननके (22) भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अयोध्या आ गए।
बताया जाता है कि विधि-विधान से अंमित सस्कार की रस्म पूरी होने के बाद जब सारे लोग सरयू नदी के नए घाट पर स्नान के लिए पहुंचे तो अनिल व ननके नहाते-नहाते नदी की धारा में आ गए और एकाएक डूबने लगे।
उनके नदी में डूबते ही चीख-पुकार मच गई। लेकिन जबतक कोई उन्हें बचाता, इससे पहले ही दोनों नदी की आगोश में समा गए। सूचना अयोध्या कोतवाली पहुंची तो वहां से काफी संख्या में पुलिस के लोग गोताखोरों के साथ शव खोजने में जुट गए।
लेकिन देरशाम समाचार भेजे जाने तक नदी से कोई शव बरामद नहीं हुआ। उधर मोहल्ला पड़ाव में जैसे ही अनिल व श्याम उर्फ ननके के सरयू नदी में डूबने की खबर पहुंची कि परिवार के साथ पूरे पड़ाव मोहल्ले में मातमी सन्नाटा छा गया।
मोहल्ले के सभासद रिजवान ने बताया कि अनिल व श्याम दोनों लोग आपस में पड़ोसी हैं। रिजवान ने बताया कि शनिवार की शाम तक गोताखोर नदी में शव खोजने में जुटे रहे। लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी सरयू नदी से न तो अनिल का शव गोताखोरोें को मिला, न ही श्याम उर्फ ननके का। जिसके बाद सरयू नदी में शव खोज रहे गोताखोरों ने खोजबीन का काम बंद कर दिया है।
उनका कहना है कि शव के नदी में उतराने तक उन्हें इंतजार करना होगा। क्योेंकि नदी की धारा व गहराई में दोनोें का शव खोज पाना काफी मुश्किल है। जिसके लिए 16 से 20 घंटे का समय गोताखोरों ने दिया है।